लेंस डेस्क। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को हुई सनसनीखेज घटना के असली हीरो भारतीय कैप्टन स्मित मछार Smit Machchhar चर्चा में हैं। को-पायलट के चाकू के हमले के बावजूद उन्होंने विमान का नियंत्रण बनाए रखा और 174 यात्रियों (जिनमें 27 बच्चे शामिल) की जान बचाई।
घटना के दौरान कैप्टन मछार गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथों से खून बह रहा था, फिर भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद मांगी। यात्रियों और विमान में सवार अन्य पायलटों ने हमलावर को काबू कर लिया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
डेंटिस्ट ने की जान बचाने में मदद
फ्लाइट में सवार इजराइली डेंटिस्ट मूसायेव शोता उन पहले लोगों में शामिल थे जो कॉकपिट की तरफ दौड़े। शोता ने बताया कि कैप्टन की हालत बहुत खराब थी। सिर और हाथों पर गहरे घाव थे तथा खून बहुत ज्यादा बह रहा था। उन्होंने प्राथमिक उपचार कर खून रोकने में मदद की।
शोता के अनुसार, कैप्टन मछार होश में थे और बात भी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 39 साल है और उनके दो बच्चे हैं। लैंडिंग से पहले उनकी हालत थोड़ी बिगड़ गई थी, लेकिन समय पर इलाज से जान बच गई।
कौन हैं कैप्टन स्मित मछार?
स्मित मछार भारतीय कमर्शियल पायलट हैं। उनके पास करीब 13 साल का अनुभव और लगभग 9,750 घंटे की फ्लाइंग है। वे फिलहाल फ्लाईदुबई में बोइंग 737 बेड़े के डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में काम करते हैं।
उन्होंने 2008 में वेलिंगकर इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से बीबीए किया। 2011 से 2022 तक स्पाइसजेट में रहे, जहां उन्होंने सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की जिम्मेदारी संभाली। जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े।
नेताओं ने की तारीफ
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मछार की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कई जानें बचाईं और बड़ी तबाही टाली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उन्हें हीरो बताया।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मछार की पत्नी और माता-पिता से बात की। पीएम ने उनकी हिम्मत की तारीफ की और कहा कि भारतीय मिशन हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। मोदी ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर उनकी सराहना की। कैप्टन स्मित मछार की इस बहादुरी को दुनिया भर में सलाम किया जा रहा है।









