लेंस डेस्क। जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स के 13वें दिन भारत ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। देश की पुरुष तीरंदाजी टीम ने रिकर्व कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। वहीं स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इन प्रदर्शनों के साथ भारत के कुल मेडल बढ़कर 71 हो गए हैं, जिसमें 12 गोल्ड शामिल हैं। यह देश का एशियन गेम्स में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मेडल हाउल है। भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर है।
तीरंदाजी में मिश्रित नतीजे
पुरुष रिकर्व टीम फाइनल में दक्षिण कोरिया से 1-5 से हार गई। भारतीय टीम इस मैच में एक भी सेट नहीं जीत सकी। तीसरा सेट दक्षिण कोरिया ने 56-54 से अपने नाम किया।
इसके विपरीत महिला रिकर्व टीम ने इतिहास रच दिया। अंकिता भगत, कीर्ति और कुमकुम की तिकड़ी ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर पहली बार इस कैटेगरी में गोल्ड जीता।
लवलीना का जन्मदिन पर सुनहरा पंच
2 अक्टूबर को लवलीना बोरगोहेन का जन्मदिन था। उसी दिन उन्होंने महिलाओं की 75 किग्रा वर्ग में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। यह उनका एशियन गेम्स करियर का पहला गोल्ड है। इससे पहले हांगझोउ गेम्स में वे फाइनल हारकर सिल्वर पर रुकी थीं।
29 वर्षीय लवलीना एशियाड में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। इससे पहले 2014 में मैरी कॉम यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। लवलीना ने हर मुकाबले में समझदारी भरी रणनीति अपनाई। वे विरोधियों के आक्रामक हमलों से बचती रहीं और सही समय पर जवाबी पंच लगाकर अंक जुटाती गईं।
असम के किसान परिवार से आने वाली लवलीना एनसीओई गुवाहाटी में ट्रेनिंग करती हैं। उन्होंने 2018 और 2019 विश्व चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज, टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज तथा 2022 एशियन गेम्स और 2023 विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीता है। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न भी मिल चुका है।
भारत के लिए बॉक्सिंग में अभी दो और गोल्ड मेडल मुकाबले बाकी हैं। अंकुश और परवीन दोपहर बाद फाइनल खेलेंगे।
रेसलिंग में भी अच्छी खबर
महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग में दीपांशी ने रेपेचेज में कंबोडिया की डिट सैम्नांग को 10-0 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जगह बना ली। उन्होंने टेक्निकल सुपीरियोरिटी से जीत दर्ज की। अब उनका ब्रॉन्ज मुकाबला कजाकिस्तान की जेनैप बायानोवा से होगा।
पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में सुजीत कलकल ने सेमीफाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जापान के कोटारो कियूका को 3-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। कियूका पहले पीरियड में 2-0 से आगे थे, लेकिन सुजीत ने दूसरे पीरियड में तीन अंक जुटाकर स्कोर बराबर किया और आखिरी अंक हासिल करने के कारण विजेता घोषित हुए। फाइनल में वे ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुडिएव से भिड़ेंगे।
एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का यह शानदार प्रदर्शन देश के खेल प्रेमियों के लिए खुशी की बात है। आगे और मेडल आने की उम्मीद बनी हुई है।









