नई दिल्ली। हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री पद की दूसरी बार शपथ ली। वे असम के पहले गैर-कांग्रेस नेता बन गए हैं, जिन्होंने लगातार दो बार मुख्यमंत्री पद संभाला है।कार्यक्रम की खास बात अमेरिकी राजदूत सर्जियों गोर की मौजूदगी रही जिसको लेकर तरह तरह की चर्चा थी।
एनडीए की सरकार राज्य में तीसरी बार सत्ता में आई है।राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शपथ ग्रहण समारोह में हिमंत सरमा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेता शामिल हुए।
हिमंत सरमा के साथ चार अन्य नेताओं ने भी शपथ ली। जिनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश्वर तेली और अजंता नेोगअसम गण परिषद (AGP) अध्यक्ष अतुल बोरा, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के विधायक चरण बोरो आदि शामिल।हैं।
2021 में सरबानंद सोनोवाल के बाद मुख्यमंत्री बने सरमा ने लगातार दो बार पद संभालकर इतिहास रच दिया। यह एनडीए की असम में 2016 से तीसरी लगातार सरकार है।चुनाव परिणाम असम विधानसभा चुनाव में भाजपा-नीत एनडीए ने भारी बहुमत हासिल किया। 126 सदस्यीय सदन में एनडीए को 102 सीटें मिलीं।
भाजपा अकेले 82 सीटें जीतकर पहली बार स्पष्ट बहुमत हासिल करने में सफल रही। सहयोगी एजीपी और बीपीएफ ने 10-10 सीटें जीतीं।इस शानदार जीत ने नॉर्थईस्ट में भाजपा की सबसे बड़े नेता के रूप में सरमा की स्थिति को और मजबूत किया है।
2021 से मुख्यमंत्री बनने के बाद सरमा भाजपा के सबसे प्रभावशाली क्षेत्रीय नेताओं में से एक बन चुके हैं और पूरे नॉर्थ ईस्ट में पार्टी के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। नई सरकार की प्राथमिकताएं मुख्यमंत्री सरमा नए सरकार के पहले 100 दिनों की प्राथमिकताएं जल्द घोषित करने वाले हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कल्याणकारी योजनाएं, भूमि सुधार और मूल निवासियों के अधिकार प्रमुख फोकस एरिया रहेंगे।
भाजपा की भारी जीत का जश्न मनाते हुए विपक्षी कांग्रेस ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने पहले आरोप लगाया था कि संवैधानिक कार्यक्रम को ‘राजनीतिक तमाशा’ बना दिया गया है।











