नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
यह गजब का संयोग है कि जिस दिन बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता लेने जा रहे हैं उसी रोज जनता दल यू से इतर हरिवंश राज्यसभा की सदस्यता ले रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का सदस्य नामित कर दिया है। यह नामांकन पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने से उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए किया गया है।
हरिवंश का राज्यसभा सदस्य के रूप में पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया था। वे बिहार से जनता दल (यूनाइटेड) के प्रतिनिधि के रूप में दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं।
सरकार की आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है, “भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (1) के उप-खंड (a) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, तथा उसी अनुच्छेद के खंड (3) के साथ पढ़ते हुए, राष्ट्रपति श्री हरिवंश को परिषद् राज्य में नामित करने में प्रसन्न हैं, ताकि एक नामित सदस्य की सेवानिवृत्ति के कारण उत्पन्न रिक्ति को भरा जा सके।”
यह नामांकन संविधान के अनुच्छेद 80(1)(a) के तहत किया गया है, जिसमें पत्रकारिता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता दी गई है। उनका नया कार्यकाल 2032 तक चलेगा।
हरिवंश 2018 से राज्यसभा के उपसभापति के पद पर हैं और संसदीय कार्यवाही में अनुभवी नेता माने जाते हैं। जेडीयू ने उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए विधानसभा के माध्यम से नामांकित नहीं किया था, लेकिन राष्ट्रपति के इस नामांकन से वे बिना किसी व्यवधान के सदन में बने रह सकेंगे।











