स्वयंभू धर्मगुरु नित्यानंद के अनुयायी निकले भू-माफिया, बोलीविया में कब्‍जा की जमीन, 20 गिरफ्तार

  • नित्यानंद उर्फ ​​अरुणाचलम राजशेखरन ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा’ नाम से काल्पनिक देश की स्थापना का कर चुका है दावा

यौन शोषण और अपहरण जैसे गंभीर आरोप लगाने के बाद भारत से फरार हुए स्वयंभू धर्मगुरु नित्यानंद उर्फ ​​अरुणाचलम राजशेखरन के अनुयायियों ने नया कांड कर दिया है। बोलीविया में जमीन कब्जाने के मामले में 20 अनुयायियों को गिरफ्तार किया गया है। नित्यानंद पहले ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा’ नाम से एक काल्पनिक देश की स्थापना का दावा कर चुका है।

बोलीविया के प्रमुख समाचार पत्र एल डेबर और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि स्वयंभू आध्यात्मिक राष्ट्र ‘कैलासा’ से जुड़े अनुयायी स्वदेशी बाउरे समुदाय समेत कई आदिवासी समूहों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।

कैलासा के प्रवक्ताओं ने इन घटनाओं को बदनाम करने की साजिश बताया है और कहा है कि वे इसे कड़ी निंदा के साथ खारिज करते हैं।

क्‍या है पूरा मामला

बाउरे समुदाय के नेता पेड्रो गुआसिको के मुताबिक शुरुआत में जंगल की आग के बाद मिली मानवीय सहायता की पेशकश धीरे-धीरे एक विवादास्पद जमीन पट्टा समझौते में तब्दील हो गई।

पहले यह समझौता 25 वर्षों के लिए था, जिसमें कैलासा प्रशासन ने हर साल लगभग 2 लाख डॉलर देने का वादा किया था। लेकिन बाद में यह अनुबंध चुपचाप 1,000 वर्षों तक के लिए बढ़ा दिया गया और इसमें हवाई क्षेत्र तथा प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के अधिकार भी शामिल कर लिए गए। यह पट्टा हासिल करने के लिए अवैध सौदे पर हस्ताक्षर किए थे।

नित्यानंद के खिलाफ जारी हो चुका है गैर-जमानती वारंट

नित्यानंद 2019 में भारत से फरार हो गए था। उस पर अहमदाबाद स्थित अपने आश्रम में बच्चों के साथ दुष्कर्म, अपहरण और यातना जैसे आरोप लगे थे। इसके एक साल बाद उसने दावा किया कि इक्वाडोर के तट पर एक द्वीप खरीदकर ‘कैलासा’ नाम का राष्ट्र बना लिया है। ‘कैलासा’ को एक धार्मिक आंदोलन बताया गया, जिसे अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में रहने वाले हिंदू आदि शैव समुदाय के कुछ सदस्य चलाते हैं।

हाल ही में नित्यानंद की मृत्यु की अफवाहें भी सामने आई थीं, जब उनके भतीजे ने उनके निधन का दावा किया। हालांकि, उनके प्रतिनिधियों ने इसे गलत बताया और कहा कि नित्यानंद जीवित, सुरक्षित और सक्रिय हैं।

अगस्त 2022 में कर्नाटक की एक अदालत ने बलात्कार के एक मामले में नित्यानंद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। यह मामला 2010 में उनके पुराने ड्राइवर लेनिन की शिकायत पर दर्ज हुआ था। तब से लेकर अब तक नित्यानंद भारत में उनके खिलाफ जारी किसी भी समन का जवाब नहीं दे पाया है।

कैलासा भी अवैध

संयुक्त राष्ट्र या किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था ने कैलासा को आधिकारिक देश नहीं माना गया है। भारत सरकार का भी इससे कोई संबंध नहीं रखा है। अपने बनाए हुए इस कथित देश को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए नित्यानंद संयुक्त राष्ट्र में एक प्रतिनिधिमंडल भेज चुका है और वहां “हिंदू धर्म के सर्वोच्च पुजारी” के लिए सुरक्षा की मांग कर चुका।

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