नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
इधर राहुल गांधी संसद में महिला बिल पर भाषण दे रहे थे इधर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर के आदेश दे दिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है।
शासकीय अधिवक्ता वी के सिंह ने मीडिया को बताया कि हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि या तो वह इस मामले की जांच करे या फिर किसी केंद्रीय एजेंसी से इसकी जांच करवाए।
दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में आज सुनवाई हुई। ये मामला निचली अदालत के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया गया था।
लखनऊ हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आज ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार या तो ख़ुद जांच करे या सेंट्रल एजेंसी को रेफर करके जांच कराये. लेकिन ये आरोप जांच का विषय है। यह मामला रायबरेली ट्रायल कोर्ट से ख़ारिज होने के बाद हाईकोर्ट पहुंचा था।
यह भी देखें : 16 के सस्पेंस ने फैला दी है सनसनी
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने ये याचिका दाखिल की थी।याचिकाकर्ता ने लखनऊ की विशेष सांसद-विधायक अदालत के 28 जनवरी, 2026 के आदेश को चुनौती दी थी। लखनऊ की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने की उसकी याचिका खारिज कर दी थी।
लखनऊ की सांसद-विधायक अदालत ने कहा था कि वह नागरिकता के मुद्दे पर फैसला करने के लिए सक्षम नहीं है।
याचिकाकर्ता कर्नाटक का एक भाजपा कार्यकर्ता है। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और इस मामले में उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की थी। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, सरकारी गोपनीयता कानून, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट एक्ट के तहत गांधी के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं।
हालांकि अदालत के आदेश का राहुल गांधी के संसद में भाषण से लेना देना नहीं है लेकिन संयोग ही है कि आदेश उस भाषण के बाद आया है जिसमें राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना ऐसी टिप्पणियां की जिन्हें कार्रवाई से हटाया गया।









