TMC में टूट जारी, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने भी दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी के पास अब सिर्फ 22 विधायक बचे

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में लगातार टूट का सिलसिला जारी है। बुधवार को पार्टी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव (MP Sushmita Dev) ने पार्टी और पद दोनों से इस्तीफा दे दिया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों में TMC के दो राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले 8 जून को सुखेंदु शेखर ने भी इस्तीफा दिया था।

टूट के आंकड़े

लोकसभा: TMC के 28 सांसदों में से 20 सांसद अलग हो चुके हैं। अब ममता बनर्जी के पास सिर्फ 8 लोकसभा सांसद बचे हैं।
राज्यसभा: 13 में से 2 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। अब 11 बचे हैं।
विधानसभा: 80 में से 58 विधायक अलग हो चुके हैं। इन विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है। अब ममता बनर्जी के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं।

सुष्मिता देव का बयान

इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने कहा, ‘मैं अब आजाद हूं। मेरे कुछ व्यक्तिगत और राजनीतिक कारण हैं। मैं असम से हूं, बंगाल की राजनीति से सीधे तौर पर जुड़ी नहीं हूं। अभी कुछ दिन आराम करूंगी।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने राज्यसभा की सीट भी इसलिए छोड़ी क्योंकि वह पार्टी द्वारा दी गई थी।

अभिषेक-राहुल मुलाकात

इस बीच TMC के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। एक दिन पहले ममता बनर्जी सोनिया गांधी से मिल चुकी हैं। दोनों बैठकें TMC को मजबूत करने और INDIA गठबंधन को बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही हैं।

3 जून को TMC में सबसे बड़ी बगावत हुई थी, जब 58 विधायकों ने अलग गुट बनाया और ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता घोषित किया। 8 जून को 20 लोकसभा सांसदों ने NDA सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। TMC, जो कभी पश्चिम बंगाल में मजबूत मानी जाती थी अब भारी संकट का सामना कर रही है। TMC में और इस्तीफों की संभावना जताई जा रही है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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