नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को एक कथित दस्तावेज साझा करते हुए दावा किया कि दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के एक दस्तावेज़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ज़िक्र आया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इसे “राष्ट्रीय शर्म” की बात बताते हुए प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की। वहीं विदेश मंत्रालय ने इसका खंडन किया है।

अमेरिकी न्याय विभाग के हवाले से द लेंस यह साफ करता है कि एपस्टिन फाइल में किसी का नाम आने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति आरोपी या दोषी है। अमेरिकी न्याय विभाग के जिस कथित दस्तावेज के हवाले से कांग्रेस ने यह आरोप लगाया है उसमें भी पीएम मोदी से जुड़ी कोई अनुचित बात अब तक सामने नहीं आई है।
खेड़ा के अनुसार, एपस्टीन ने लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी “सलाह” ली और इज़राइल में “नाच-गाकर” अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए काम किया, साथ ही “IT WORKED!” जैसा वाक्यांश जोड़ा गया है। उन्होंने इसे एपस्टीन की ओर से उद्धृत किया, जो एक दोषी मानव तस्कर और बार-बार यौन अपराध करने वाला व्यक्ति था।

एक कथित दस्तावेज को X पर शेयर करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री और ऐसे व्यक्ति के बीच कोई भी निकटता निर्णय लेने की क्षमता, पारदर्शिता और कूटनीतिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने दावा किया कि यह एक “सीधी और अस्पष्ट साझेदारी” की ओर इशारा करता है, जो एपस्टीन फाइलों के जारी होने से जुड़ा है, और इससे देश की गरिमा व वैश्विक छवि प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से तीन मुख्य सवाल पूछे कि एपस्टीन से किस सलाह की बात थी? इज़राइल यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के लाभ के लिए क्या किया गया? और “IT WORKED!” से क्या मतलब निकलता है? खेड़ा ने अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर मौजूद एक दस्तावेज़ का लिंक भी साझा किया, लेकिन अपनी बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की।
दूसरी ओर, भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार से अपील की है कि अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल में जारी एपस्टीन फाइलों में किसी भारतीय मंत्री या नेता का नाम है या नहीं, इस पर स्पष्टता लाई जाए। ट्रंप प्रशासन के दौरान इन दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने की अनुमति के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया है, जिससे देश-विदेश में प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
स्वामी ने कहा कि यदि फाइलों में किसी भारतीय राजनीतिक शख्सियत का ज़िक्र है, तो सरकार को पारदर्शिता बरतते हुए जनता को पूरी जानकारी देनी चाहिए। इससे राजनीतिक गलियारों में बहस तेज़ हो गई है और जवाबदेही की मांगें बढ़ रही हैं।
विदेश मंत्रालय ने किया खंडन
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी Epstein files में प्रधानमंत्री मोदी के साथ संपर्क से संबंधित सभी विवरणों का खंडन किया है। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “हमें तथाकथित एपस्टीन फाइलों से संबंधित एक ईमेल संदेश की रिपोर्ट मिली है जिसमें प्रधानमंत्री और उनकी इज़राइल यात्रा का जिक्र है। जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इज़राइल की आधिकारिक यात्रा के तथ्य के अलावा, ईमेल में बाकी सभी संकेत एक दोषी अपराधी के तुच्छ चिंतन से अधिक कुछ नहीं हैं, जिन्हें पूरी तरह से खारिज किया जाना चाहिए।”
फिल्म डायरेक्टर मीरा नायर का भी नाम
इसी बीच एक पुराना ईमेल सामने आया है, जो 21 अक्टूबर 2009 को पब्लिसिस्ट पैगी सीगल ने एपस्टीन को भेजा था। इस ईमेल में बताया गया है कि मशहूर फिल्म डायरेक्टर मीरा नायर (जो न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी की मां हैं) उस रात घिसलेन मैक्सवेल के न्यूयॉर्क टाउनहाउस में एक पार्टी में मौजूद थीं।
यह पार्टी मीरा नायर की 2009 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘अमेलिया’ की स्क्रीनिंग के बाद आयोजित की गई थी। ईमेल के मुताबिक, उस इवेंट में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस भी शामिल थे। दस्तावेज़ों में इन लोगों का नाम सिर्फ उपस्थिति के संदर्भ में आया है, और किसी गलत काम का आरोप नहीं लगाया गया है।
फिर भी यह खुलासा एपस्टीन और मैक्सवेल के सोशल सर्कल की चौड़ी पहुंच को फिर से उजागर कर रहा है, जिससे दुनिया भर में चर्चा छिड़ गई है।











