शराब घोटाले में जेल में बंद रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर की मुसीबतें बढ़ीं

Anil Tuteja

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर की मुसीबतें एक बार फिर बढ़ गईं हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने अनिल टुटेजा को डीएमएफ (DMF) घोटाले में गिरफ्तार किया है। वहीं, अनवर ढेबर को एजेंसी ने सीएसएमसीएल ओवरटाइम भुगतान स्कैम में अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर लिया।

जेल से गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें ईओडब्ल्यू की रिमांड पर भेज दिया गया है।

मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा (Anil Tuteja) को गिरफ्तार कर लिया है। ब्यूरो के अनुसार विवेचना के दौरान प्राप्त महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेजों और विभिन्न व्यक्तियों के बयानों के आधार पर उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप पाए गए हैं।

EOW के मुताबिक जांच में सामने आया है कि अनिल टुटेजा ने डीएमएफ निधि से जुड़े विभिन्न कार्यों में अपने परिचित व्यक्तियों और फर्मों को कथित रूप से कमीशन लेकर काम दिलाया। जांच एजेंसी का दावा है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों से जुड़ी फर्मों को भी कथित तौर पर लाभ पहुंचाया।

डिजिटल एविडेंस और गवाहों के बयानों के आधार पर टुटेजा के खिलाफ शासकीय राशि के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्ट आचरण से जुड़े संज्ञेय अपराधों के आरोप दर्ज किए गए हैं।

ओवरटाइम पेमेंट घोटाले में ढेबर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में कथित सीएसएमसीएल ओवरटाइम पेमेंट घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर लिया है।

ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार अनवर ढेबर को अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत अरेस्ट किया गया है। इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7बी एवं 8 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बताया गया है कि सीएसएमसीएल ओवरटाइम पेमेंट घोटाले का मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सूचना पर दर्ज किया गया था। मामले की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई थी, जब ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे।

इस कार्रवाई के बाद आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ शासन को सूचना भेजी गई। इसके आधार पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण, रायपुर में एफआईआर दर्ज की गई और मामले की जांच शुरू की गई।

ईओडब्ल्यू अब पूरे प्रकरण में धन के स्रोत, संभावित साजिश और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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