नई दिल्ली। एलन मस्क ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Elon Musk Trump Modi Call) के बीच ईरान युद्ध पर हुई फोन कॉल में कांफ्रेंस के जरिए भाग लिया। यह जानकारी न्यूयॉर्क टाइम्स ने शुक्रवार को दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी। न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट में बताया कि एक निजी नागरिक का दो देशों के प्रमुखों के बीच युद्धकालीन संकट के दौरान फोन कॉल पर शामिल होना असामान्य है।
कॉल का विषय मध्य पूर्व में बढ़ते संकट पर था, खासकर ईरानी सेना द्वारा होर्मुज की खाड़ी पर नियंत्रण। यह खाड़ी विश्व स्तर पर तेल और गैस के परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। खाड़ी में समुद्री यातायात रुकने से दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं और बाजार प्रभावित हो रहे हैं। कुछ एशियाई देश ईंधन की राशनिंग करने की कगार पर पहुंच गए हैं।
यह स्पष्ट नहीं है कि मस्क कॉल पर क्यों शामिल थे या उन्होंने कोई बात भी की या नहीं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता करोलीन लेविट ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप का प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छा संबंध है, और यह एक उत्पादक बातचीत थी।’
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मार्च 2026 के मंगलवार को हुई। मस्क का शामिल होना इसलिए भी ध्यान खींच रहा है क्योंकि पिछले साल गर्मियों में ट्रंप सरकार से उनके अलग होने के बाद दोनों के बीच तनाव था, लेकिन हाल के महीनों में संबंध सुधर गए लगते हैं।








