Eid 2026 War: दुनिया में ईद-उल-फितर त्योहार के जश्न में युद्ध का असर दिख रहा है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी युद्ध ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया है। इस तनाव के बीच यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को ईद की नमाज के लिए बंद कर दिया गया है, जो 1967 के अरब-इजराइल युद्ध के बाद पहली बार हुआ है।
अल-अक्सा मस्जिद मुसलमानों के लिए मक्का और मदीना के बाद तीसरा सबसे पवित्र स्थल है। सुरक्षा कारणों से इजराइली अधिकारियों ने यरुशलम के पुराने शहर में आम लोगों की एंट्री रोक दी है। सिर्फ स्थानीय निवासी या दुकानदार ही अंदर जा सकते हैं। 6 मार्च से वेस्टर्न वॉल, अल-अक्सा मस्जिद और चर्च ऑफ द होली सेपल्कर जैसे सभी प्रमुख धार्मिक स्थल बंद हैं। मस्जिद के अंदर 100 और बाहर 50 लोगों तक ही इकट्ठा होने की इजाजत है।
शुक्रवार को ईद की नमाज के दौरान पुराने शहर के गेट पर सैकड़ों मुस्लिम नमाजियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। नमाजी ‘अल्लाहु अकबर’ और कलमा पढ़ते हुए अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती हटा दिया। यह दृश्य युद्ध के बीच धार्मिक आजादी पर सवाल उठा रहा है।
ईरान में शुक्रवार को ईद मनाई गई लेकिन युद्ध के कारण जश्न बहुत सादगी से हुआ। इजराइली हमलों में मारे गए बच्चों और लोगों को याद करते हुए लोग नमाज अदा कर रहे थे। बाजारों में रौनक नहीं थी, कई दुकानें बंद रहीं। पूरे देश में तनाव और डर का माहौल है। खाड़ी देशों में सुरक्षा कड़ी, खुले मैदानों में नमाज पर रोककतर, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में आज ईद मनाई जा रही है। यूएई में चार दिन की छुट्टी घोषित की गई है लेकिन सुरक्षा पहले से ज्यादा सख्त है। बाजारों और मॉल में सजावट तो की गई लेकिन चहल-पहल कम दिखी। युद्ध के असर से खुले मैदानों में सामूहिक नमाज पर रोक लगा दी गई है।
इराक में भी ईद डर और तनाव के बीच मनाई जा रही है। अमेरिका-ईरान तनाव का असर यहां भी है। लोग भीड़ से बच रहे हैं, बच्चे ईदी इकट्ठा करने कम निकल रहे हैं। बड़े जश्न और आयोजन कम हो गए हैं।
पाक-अफगान सीमा पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद-उल-फितर के मौके पर जंग में 5 दिनों का अस्थायी विराम घोषित किया है। यह फैसला सऊदी अरब, तुर्किए और कतर की अपील पर लिया गया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि यह विराम 18/19 मार्च की रात से 23/24 मार्च की रात तक रहेगा। हालांकि, अगर सीमा पर कोई हमला या आतंकी घटना हुई तो ऑपरेशन तुरंत शुरू हो जाएगा।










