नई दिल्ली। देश की नजर अब इन पांच राज्यों पर टिकी है! भारतीय चुनाव आयोग (ECI) आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीखों का बड़ा ऐलान करने वाला है। इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 तक खत्म हो रहा है, इसलिए चुनाव अप्रैल-मई के आसपास होने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल और असम में 2-2 चरणों में वोटिंग हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव कराने की तैयारी है। पिछली बार (2021 में) बंगाल में 8 चरणों में मतदान हुआ था, जो अब कम होने की संभावना है।
मतदाता सूची में बड़ा बदलाव,तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे
चुनाव आयोग ने हाल ही में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरी की है। इसमें कई राज्यों से लाखों नाम हटाए गए हैं:
तमिलनाडु: सबसे ज्यादा 74 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम कटे। पहले 6.41 करोड़ थे, अब 5.67 करोड़ मतदाता बचे हैं।
पश्चिम बंगाल: करीब 58 लाख नाम हटे।
केरल: लगभग 8 लाख।
असम: करीब 2 लाख (यहां स्पेशल रिवीजन हुआ था)।
पुडुचेरी: सबसे कम, महज 77 हजार नाम कटे।
पांच राज्यों में क्या है राजनीतिक माहौल?
पश्चिम बंगाल (294 सीटें): ममता बनर्जी 14 साल से मुख्यमंत्री हैं। अगर टीएमसी फिर जीती तो ममता लगातार चौथी बार CM बनेंगी तो देश की पहली महिला नेता ऐसा करेंगी। बीजेपी मुख्य चुनौती बनी हुई है।
तमिलनाडु (234 सीटें): यहां पिछले 60 साल से न बीजेपी की सरकार बनी, न कांग्रेस की। AIADMK के साथ बीजेपी गठबंधन कर सकती है। सुपरस्टार विजय की नई पार्टी TVK भी मैदान में उतरी है।
केरल (140 सीटें): देश का एकमात्र राज्य जहां वाम मोर्चा (LDF) अभी सत्ता में है। 2021 में उन्होंने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर परंपरा तोड़ी। कांग्रेस गठबंधन एंटी-इनकम्बेंसी का फायदा उठाना चाहेगा। बीजेपी यहां अब तक एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई लेकिन हाल में लोकसभा और नगर निगम चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है।
असम (126 सीटें): बीजेपी की सरकार 10 साल से है। पार्टी तीसरी बार सत्ता बचाने की तैयारी में है। पीएम मोदी पिछले 6 महीनों में तीन बार राज्य गए हैं। बीजेपी का टारगेट 100+ सीटें जीतना है। कांग्रेस ने 10 दलों के साथ गठबंधन किया है।
पुडुचेरी (30 सीटें): 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-बीजेपी गठबंधन सत्ता में आया। एन. रंगास्वामी फिर CM बने। कांग्रेस अब DMK के साथ मिलकर वापसी की कोशिश में है और पुरानी सरकार गिरने के मुद्दे को उठा रही है।
चुनाव आयोग की आज की घोषणा के बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो जाएगा और राजनीतिक पार्टियां पूरी ताकत से प्रचार में जुट जाएंगी। यह चुनाव 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बड़ी राजनीतिक तस्वीर तय करेंगे।











