नई दिल्ली। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत छात्रों और युवाओं से संवाद किया। उनका कार्यक्रम शाम 5 बजे शुरू हुआ। इसी समय कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर परेड ग्राउंड में केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘लोक संवर्धन पर्व’ में मशहूर पंजाबी पॉप स्टार जैस्मीन सैंडलस का लाइव शो भी चल रहा था।
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले उनके आयोजन स्थल में भी बदलाव किया गया था। ऐसे में एक ही समय पर दोनों बड़े आयोजनों के होने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज रहीं।
लोग सवाल भी कर रहे हैं कि आखिर अचानक जैस्मीन सैंडलस का कार्यक्रम कैसे होने लगा? जबकि इस कार्यक्रम की न शहर में कोई चर्चा थी और न ही इससे जुड़े कोई पोस्टर मौजूद थे।
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस का बड़ा दावा: कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम किसी राजनीतिक रैली से अधिक युवाओं की समस्याओं को सुनने और उन्हें मंच देने का प्रयास रहा जो बेहद सफल भी रहा।
कांग्रेस का दावा है कि सरकार ने युवाओं का ध्यान राहुल गांधी के कार्यक्रम से हटाने के लिए उसी समय जैस्मीन सैंडलस का शो आयोजित कराया। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने इसे सोची-समझी रणनीति बताते हुए कहा कि इसके बावजूद राहुल गांधी के कार्यक्रम में उम्मीद से ज्यादा युवा पहुंचे और बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
उनका कहना है कि भाजपा सरकार युवाओं का ध्यान राहुल गांधी के कार्यक्रम से हटाने की कोशिश कर रही है।


हालांकि, सोशल मीडिया और सामने आए वीडियो यह भी दिखाते हैं कि परेड ग्राउंड में जैस्मीन सैंडलस के कार्यक्रम में भी अच्छी-खासी भीड़ मौजूद थी और बड़ी संख्या में लोग उनके लाइव परफॉर्मेंस का आनंद ले रहे थे।
गरिमा ने दावा किया कि इससे पहले भी कांग्रेस के कई बड़े कार्यक्रमों में प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं खड़ी करने की कोशिश की गई। हर बार जनता की भागीदारी ने उन प्रयासों को विफल कर दिया।
इसके बावजूद कांग्रेस का दावा है कि युवाओं का बड़ा वर्ग शिक्षा, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं जैसे मुद्दों पर राहुल गांधी को सुनने पहुंचा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक ही समय पर दो बड़े आयोजनों का होना केवल कार्यक्रमों का टकराव नहीं था, बल्कि दो अलग-अलग तरह के आकर्षण का प्रदर्शन भी था।
एक तरफ रोजगार, शिक्षा और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही थी, तो दूसरी ओर लोकप्रिय गायिका जैस्मीन सैंडलस का लाइव म्यूजिक शो था।










