नई दिल्ली। (Court notice to comedian) दिव्यांग व्यक्तियों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना, विपुल गोयल सहित पांच कॉमेडियनों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई में अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि अगर वे पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह आदेश एम/एस क्योर एसएमए फाउंडेशन द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन कॉमेडियनों ने मंच पर दिव्यांगों का मजाक उड़ाकर असंवेदनशील और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
नोटिस जिन पांच लोगों को भेजा गया है, उनमें समय रैना और विपुल गोयल के अलावा बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली, आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर शामिल हैं। कोर्ट ने मुंबई पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि इन सभी को नोटिस की तामील करवाई जाए और सुनिश्चित किया जाए कि वे अगली सुनवाई में उपस्थित हों।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने कहा कि ये कॉमेडियन सोशल मीडिया पर प्रभावशाली हैं और उनके विचारों का युवाओं पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने तर्क दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं कि किसी कमजोर वर्ग का मजाक उड़ाया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मानहानि करने की कोई स्वतंत्रता नहीं होती’ और अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत प्राप्त स्वतंत्रता को दूसरों की गरिमा के अधिकार के साथ संतुलन में रखा जाना चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कुछ प्रतिवादी तो कोर्ट के आदेशों का भी मज़ाक बना रहे हैं। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत के अटॉर्नी जनरल से भी इस पर सहयोग देने का अनुरोध किया है।
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