टोकन न कटने से निराश किसान ने काटा गला… घायल किसान से मिलने अस्पताल पहुंचा कांग्रेस दल

December 7, 2025 3:50 AM
Congress

रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में धान खरीदी की अव्यवस्थाओं ने एक किसान को इतना मजबूर कर दिया कि उसने आत्महत्या का प्रयास कर लिया। किसान मनबोध गाड़ा के गला काटकर जान देने की कोशिश की घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। इस घटना के बाद कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

घायल किसान को इलाज के लिए रायपुर के अंबेडकर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रायपुर के मेकाहारा अस्पताल पहुंचा।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल थे।

नेताओं ने घायल किसान मनबोध गाड़ा के परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। डॉक्टरों के अनुसार किसान का ऑपरेशन जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

मेकाहारा अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसान मनबोध सरकार की किसान-विरोधी नीति का शिकार हुए हैं। धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। टोकन सिस्टम फेल है, बारदाना नहीं है, वसूली हो रही है, वजन कम आ रहा है, किसान परेशान है।

उन्होंने आरोप लगाया कि किसान मनबोध कई दिनों से चॉइस सेंटर और समिति में टोकन कटवाने के लिए भटकते रहे, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।

बघेल ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि टोकन न मिलने पर किसान को अपना गला काटना पड़ा। यह विष्णुदेव साय सरकार के लिए करारा तमाचा है।

बागबाहरा क्षेत्र के छोटे किसान मनबोध गाड़ा (भूमि: 1 एकड़ 40 डिसमिल) रोजाना चॉइस सेंटर और समिति जाकर टोकन कटवाने की कोशिश कर रहे थे। ऑनलाइन टोकन नहीं मिला तो ऑफलाइन कोशिश की। ऑफलाइन प्रक्रिया भी ठप थी और समिति में भी समाधान नहीं हुआ तो परेशान किसान ने खुद का गला काटने की कोशिश की। घटना के बाद ग्रामीणों में भीड़ जमा हो गई और उन्हें तत्काल अंबेडकर अस्पताल लाया गया।

प्रदेशभर के कई जिलों में इस बार धान खरीदी को लेकर बारदाने की कमी, वजन में गड़बड़ी, टोकन सिस्टम की तकनीकी खराबी और समिति-स्तर पर अव्यवस्था जैसी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।

किसानों का कहना है कि वे धान बेचने के लिए मजबूरी में रोजाना चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सिस्टम जवाब नहीं दे रहा।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से मांग की है कि धान खरीदी प्रक्रिया में तत्काल सुधार किया जाए। इसके अलावा टोकन सिस्टम को सही ढंग से संचालित करने और किसान मनबोध गाड़ा के इलाज व परिवार की मदद सुनिश्चित करने की मांग की है।

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