छत्तीसगढ़ के मजदूर की केरल में मॉब लिंचिंग

December 21, 2025 9:29 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के एक युवक की केरल में बांग्लादेशी होने के शक में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है। उसकी पहचान रामनारायण बघेल के रूप में हुई है, जो सक्ती जिले के करही गांव का निवासी थे। वह मजदूरी की तलाश में एक सप्ताह पहले ही केरल के पल्लकड़ गए थे।

केरल के मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छत्तीसगढ़ का यह 31 वर्षीय मजदूर रामनारायण बघेल पिछले एक महीने से पल्लकड़ जिले के कांजीकोड औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहा था।

बताया गया कि इस इलाके के एक गांव अट्टापलम की यह घटना है। पुलिस के मुताबिक मजदूर रामनारायण बघेल इस इलाके में भटक रहा था तभी कुछ लोगों ने उसे चोर समझा और बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी।

पुलिस के मुताबिक ऐसा तब हुआ जब उसने वहीं मनरेगा के तहत काम कर रही महिलाओं के एक समूह में से एक महिला के खाने के बैग में हाथ डाल दिया था। तब महिलाओं के शोर मचाने पर कुछ युवकों ने रामनारायण की पिटाई कर दी। ये लोग उसे घायलावस्था में ही छोड़ कर भाग गए थे।

बाद में जब पुलिस को घटना की जानकारी हुई तो तुरंत ही मौके पर पहुंच कर पुलिस ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस को रामनारायण के पास से चोरी का कोई सामान नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि रामनारायण की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी इलाके के एक पंचायत सदस्य ने कहा कि वह घरों में पानी मांगता भटक रहा था और उसी दौरान यह दर्दनाक घटना घटी।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत सामूहिक हिंसा से हुई हत्या का मामला दर्ज किया है। इस मामले में पांच आरोपियों क्रमशः मुरली, प्रसाद, अनु, बिपिन और आनंदन को गिरफ्तार किया है। ये पांचों अट्टापलम गांव के ही निवासी हैं।

सीपीआई (एमएल) रेड स्टार ने की घटना की निंदा

इस घटना की निंदा करते हुए सीपीआई (एमएल) रेड स्टार के महासचिव पी. जे. जेम्स ने आरोप लगाया कि रामनारायण बघेल की लिंचिंग में से गिरफ्तार किए गए पांच में से चार आरएसएस-भाजपा से जुड़े हैं। रामनारायण बघेल से उनकी राष्ट्रीयता को लेकर पूछताछ की गई, उन्हें “बांग्लादेशी” और चोर करार दिया गया और फिर उनकी लिंचिंग कर दी गई।

केरल में कमजोर और हाशिए पर पड़े समुदायों को निशाना बनाकर की जाने वाली भीड़ हिंसा और यहां तक कि लिंचिंग की घटनाएं नई नहीं हैं। इसी ज़िले के अट्टप्पडी में 2018 में आदिवासी युवक मधु की भी इसी तरह लिंचिंग कर हत्या कर दी गई थी। यह गंभीर चिंता का विषय है, खासकर देशभर में प्रवासी मजदूरों और अल्पसंख्यकों को कलंकित करने वाली हिंसक मुहिम के बढ़ते चलन के चलते।  सीपीआई (एमएल) रेड स्टार का कहना है कि केरल सरकार इस मामले में कठोर कार्रवाई करे।

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