अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच रामभक्तों के नाम एक हस्तलिखित पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने अपील की है कि लोग अफवाहों पर विश्वास न करें और राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की जांच पूरी होने का इंतजार करें।
चंपत राय ने अपने पत्र में लिखा है कि पिछले 10 जून 2026 से उनके परिवार के दानपत्र की जमीन को लेकर अनेक प्रकार की चर्चाएं और आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में कई तरह की बातें प्रसारित हो रही हैं, लेकिन इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है और अब जांच चल रही है।
अपने पत्र में चंपत राय ने लिखा कि यह प्रकरण अब सार्वजनिक हो चुका है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने रामभक्तों से आग्रह किया कि वे एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने तक धैर्य रखें।
पत्र में उन्होंने लिखा – ’मैं सभी से निवेदन करता हूं कि SIT के अंतिम प्रतिवेदन के बाद मैं मौन नहीं रहूंगा। सभी बिंदुओं पर अपना उत्तर क्रमशः दूंगा। सत्य सामने आ जाएगा। ’35 वर्षों का सार्वजनिक जीवन खुली पुस्तक की तरह।‘
चंपत राय ने अपने सार्वजनिक जीवन का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि वे वर्ष 1991 से अयोध्या में संघ संगठन के कार्य में सक्रिय हैं और उनका करीब 35 वर्षों का सार्वजनिक जीवन खुली किताब की तरह है।उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
पत्र के अंत में उन्होंने सभी रामभक्तों का आभार व्यक्त करते हुए अपने हस्ताक्षर किए हैं।
चंपत राय का यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब उनके परिवार से जुड़े जमीन दान प्रकरण को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने पत्र में किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लिए बिना केवल इतना कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अंतिम निष्कर्ष आने तक किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में फैसला नहीं किया जाना चाहिए।
अब इस पूरे मामले में सभी की नजर एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद चंपत राय ने स्वयं विस्तृत जवाब देने की बात कही है।









