रायपुर। छत्तीसगढ़ में NRLM बिहान के (CG BIHAN) तहत काम करने वाली सक्रिय महिलाओं (सीआरपी), कृषि सखी और पशु सखी ने आज सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। राजीव गांधी चौक में एक दिवसीय प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर दमनात्मक रवैया अपनाया।
महिलाओं को प्रदर्शन करने नहीं दिया गया, पुलिस वाहनों में भरकर हटाने की कोशिश की गई और मोतीबाग पार्क में खाना खाने-बैठने पर भी 10 मिनट में हटाया गया। इसके बावजूद महिलाएं डटी रहीं और प्रदर्शन जारी रखा।
राज्य के कई जिलों से आई हजारों महिलाओं को शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपने भी नहीं दिया गया। प्रदर्शन के बाद दोनों संगठनों सक्रिय महिला संघ और कृषि सखी पशु सखी संघ ने संयुक्त सभा में ऐलान किया कि मांगें पूरी नहीं होने तक राज्यव्यापी काम-बंद और कलम-बंद हड़ताल शुरू की जाएगी। साथ ही विधायक घेराव का कार्यक्रम भी तय किया गया है।
संगठनों का कहना है कि महज 1910 रुपये मासिक मानदेय पर महिलाओं से पूरे दिन काम लिया जाता है, जबकि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में इसी तरह की सक्रिय महिलाओं को 6000 रुपये दिए जाते हैं। मानदेय इतना कम है कि विभाग के काम में ही इससे ज्यादा खर्च हो जाता है।
महिलाओं की प्रमुख मांगें हैं मानदेय को जीने लायक सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाना, छत्तीसगढ़ न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार भुगतान, जबरन हटाए जाने वाले कार्यकर्ताओं को बहाल करना, लोकोस-VPRP-लखपति दीदी का बकाया ऑनलाइन कार्य भुगतान, मोबाइल-नेट खर्च-दैनिक भत्ता-यात्रा भत्ता, मासिक मानदेय का सीधे बैंक में ट्रांसफर, नियुक्ति पत्र जारी करना और नियमितिकरण।
संगठन के प्रांताध्यक्ष पदमा पाटिल, ऐश्वर्या राय और महासचिव बिंदु यादव, रामेश्वरी राजपूत ने कहा कि सरकार की उदासीनता और पुलिस के रवैये ने महिलाओं को मजबूर किया है कि अब वे सड़क पर उतरें और अपना हक छीनकर लें।







