बिहार में विक्रमशिला पुल गिरा, 16 ज़िलों की कनेक्टिविटी टूटी,अब नया 4-लेन पुल दिसंबर तक होगा चालू

Bridge Collapsed in Bhagalpur : बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने प्रसिद्ध विक्रमशिला पुल का 34 मीटर लंबा हिस्सा रविवार देर रात ढह गया। हालांकि पुलिस-प्रशासन की सतर्कता से कोई जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना से सीमांचल के 16 जिलों की कनेक्टिविटी पूरी तरह ठप हो गई है। रोजाना एक लाख से ज्यादा लोग और 50 हजार वाहन इस पुल का इस्तेमाल करते थे।

मुख्यमंत्री ने आर्मी से मांगी मदद

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना के तुरंत बाद उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की। उन्होंने पुल की मरम्मत में भारतीय सेना की मदद मांगी है, जिस पर रक्षा मंत्री ने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में करीब 90 दिन का समय लग सकता है।

नया 4-लेन पुल कब तक बनेगा?

राहत की खबर यह है कि विक्रमशिला सेतु के ठीक बगल में एक नया 4-लेन पुल बनाया जा रहा है। इसका निर्माण साल 2020 में शुरू हुआ था और मूल लक्ष्य 2026 में पूरा करने का था, जिसे बाद में एक साल बढ़ा दिया गया था। मुख्यमंत्री ने अब इस प्रोजेक्ट को तेज करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नया पुल दिसंबर 2026 तक पूरा करके वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।

वैकल्पिक व्यवस्था

पुल गिरने के बाद लोगों को गंगा पार करने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन ने मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया वाले गंगा पुल को वैकल्पिक रास्ते के रूप में उपयोग करने की सलाह दी है। दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है और यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है।

पुल की पुरानी समस्या

23 साल पुराना यह पुल राबड़ी देवी सरकार के समय बना था। मार्च 2026 में ही पुल के कुछ हिस्सों में दरारें आने की शिकायत आई थी। पिछले 10 साल में इसकी तीन बार मरम्मत हो चुकी है। इस घटना के बाद पथ निर्माण विभाग ने एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड भी कर दिया है।

बिहार में पुल हादसों का सिलसिला

गौरतलब है कि जून 2024 में एक सप्ताह के अंदर बिहार में 6 पुल ढह चुके थे या क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद पुलों की मरम्मत और सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। पुल बंद होने के बाद बरारी घाट पर नावों की भारी भीड़ लग रही है। कई लोगों को पैदल कई किलोमीटर चलकर आगे जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द दोनों पुलों को चालू करने की मांग कर रहे हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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