Bangladesh Election: वोटिंग समाप्त, रुझान रात 8 बजे से आने होंगे शुरू

February 12, 2026 4:45 PM
Bangladesh Election

Bangladesh Election: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को 13वें संसदीय चुनाव और साथ ही जनमत संग्रह के लिए वोटिंग शाम 4:30 बजे समाप्त हो गई। चुनाव आयोग के अनुसार देशभर के लगभग 36,000 मतदान केंद्रों पर दोपहर 2 बजे तक 47.91% मतदान दर्ज हुआ। कुल 12.7 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से युवाओं की बड़ी भूमिका रही, क्योंकि लगभग आधे मतदाता 18 से 37 साल के बीच के हैं और 45.7 लाख पहली बार वोट देने वाले थे।

मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और जहां कतारें लगी थीं या मतदाता अंदर थे, वहां प्रक्रिया जारी रही। यह 2024 के बड़े आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव है, जिसमें पहली बार डाक मतदान की व्यवस्था भी की गई। नतीजे आज रात 8 बजे से आने शुरू हो सकते हैं, और पूरे परिणाम शुक्रवार तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

चुनाव के दौरान कई जगहों पर हिंसा और गड़बड़ियों की घटनाएं सामने आईं। खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में बीएनपी नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई। मुंशीगंज-3 में देसी बम फेंके गए, जिससे कुछ समय के लिए वोटिंग रुकी लेकिन बाद में बहाल हुई। गोपालगंज सदर में बम विस्फोट से दो अंसार जवान और एक 13-14 साल की लड़की घायल हुई।

अन्य घटनाओं में श्यामनखोला (बागेरहाट) में बीएनपी-जमात झड़प से 6 जमात कार्यकर्ता घायल, मेहरपुर सदर में झड़प से 9 घायल, भैरब (किशोरगंज) में पुलिस लाठीचार्ज के दौरान भागते 55 वर्षीय रज्जाक मियां की मौत, और सराइल में एक मतदान अधिकारी मुजाहिदुल इस्लाम (48) की तबीयत बिगड़ने से मौत हुई।कई पार्टियों ने गड़बड़ियों का आरोप लगाया।

इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने भोला-1, पटुआखाली-4 जैसे इलाकों में फर्जी वोटिंग, एजेंटों पर हमले और बैलेट पेपर छीनने के आरोप लगाए। जमात-ए-इस्लामी ने कुमिला-8, शरियतपुर-2 और पटुआखाली-1 सीटों पर मतदान स्थगित करने की मांग की। पंचगढ़-1 में सैंपल बैलेट रखने पर एक नेता को 3 साल की सजा मिली।

बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान ने नतीजे जल्द घोषित करने की मांग की और कहा कि अगर गड़बड़ी हुई तो नतीजे मान्य नहीं होंगे। लेखिका तस्लीमा नसरीन ने जमात-ए-इस्लामी के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई और धर्मनिरपेक्ष राजनीति की अपील की। चुनाव में एनसीपी जैसे नए दलों ने रोजगार, महिला अधिकार और अल्पसंख्यक सुरक्षा पर फोकस किया। कुल मिलाकर, मतदान उत्साहजनक रहा लेकिन छिटपुट हिंसा ने चुनौतियां दिखाईं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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