नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
मानुषी की संपादक और कभी देश के हिंदुत्व खेमे की चहेती माने जाने वाली लेखिका, एक्टिविस्ट मधु किश्वर ने पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी अजीत सेठ को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी को फिर घेरा हैं और कहा है कि पीएम मोदी मनमोहन सरकार में कैबिनेट सेक्रेटरी रह चुके अजीत सेठ से कथित तौर पर कॉम्प्रोमाइज्ड थे इसलिए उन्हें सेवा विस्तार दिया गया।

मधु किश्वर का दावा है कि यह चौंकाने वाली जानकारी उन्हें प्रधानमंत्री के बारे में कथित तौर पर अंदरूनी जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति से मिली है। दिलचस्प यह है कि सुश्री किश्वर के इस बयान को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा और बीजेपी नेता संजय मयूख दोनों ने किसी किस्म के टिप्पणी से इंकार कर दिया है।
मधु किश्वर ने अपने ट्वीट में कहा – ‘जिस दिन मोदी जी ने प्रधानमंत्री का पदभार संभाला, डॉ. मनमोहन सिंह के 2011 से कैबिनेट सचिव रहे अजीत कुमार सेठ एक मोटी फाइल लेकर महामानव (यह संबोधन वे लगातार श्री मोदी के लिए कर रही हैं) से मिलने आए और कहा, ‘डॉ. साहब ने सुझाव दिया है कि आप इस फाइल को ध्यान से देखें।’ सुश्री किश्वर आगे दावा करती हैं – ‘महामानव ने फाइल ली और पन्ने पलटते ही उनका चेहरा पीला पड़ गया क्योंकि फाइल में उनके बारे में बहुत कुछ आपत्तिजनक लिखा था।’
मधु किश्वर का कहना है कि मोदी जी स्तब्ध दिखे और अजीत सेठ से पूछा, यह जानकारी आप तक कैसे पहुँची? मधु किश्वर के मुताबिक – अजीत सेठ ने शांत भाव से उत्तर दिया, ‘प्रधानमंत्री कार्यालय में कैबिनेट सचिव होने के नाते, सभी महत्वपूर्ण फाइलें मेरे पास आती हैं।’
मधु किश्वर कहती हैं – ‘मोदी जी ने विनम्रतापूर्वक फाइल लौटा दी और बात समझ गए।अजीत कुमार सेठ को कार्यकाल विस्तार दिया गया(मोदी सरकार में) और उन्हें मोदी जी का अपना कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया!’
मधु किश्वर ने आगे लिखा है कि इसका मतलब है कि डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया जी को प्रधानमंत्री कार्यालय के सभी कार्यों और निर्णयों की जानकारी थी। अजीत सेठ को मोदी जी ने 2014 में कार्यकाल विस्तार दिया और उन्होंने जून 2015 तक सेवा की।
मधु किश्वर पूछती हैं ‘ क्या आपने कभी दुनिया में किसी प्रधानमंत्री के बारे में सुना है, जिसने अपने कट्टर शत्रु के सबसे भरोसेमंद वरिष्ठ अधिकारी को अपने ही प्रधानमंत्री कार्यालय का प्रमुख नियुक्त किया हो?’
उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया – ‘सेवानिवृत्त होने के बाद, सेठ को एक और पुरस्कार दिया गया और उन्हें लोक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। शायद यही कारण है कि तमाम हंगामे के बावजूद, 56 इंच के महामानव ने सोनिया जी, रॉबर्ट वाड्रा, चिदंबरम और अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं की, जिन पर उन्होंने विदेशों में खाते रखने और अन्य कई आरोप लगाए थे!’
सुश्री किश्वर ने दावा है किया – ‘ सिर्फ सोनिया जी ही नहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय के काले कारनामों की जानकारी रखने वाली अन्य महिलाएं भी हैं… इसीलिए मोदी जी भारत के सबसे असुरक्षित राजनेताओं में से एक हैं।’ और इसीलिए वे भद्दी शेखी और डींगें हांकते हैं!
उन्होंने ये तक लिखा – ‘भारत और दुनिया भर में भ्रष्ट राजनेताओं की कमी नहीं है। लेकिन भारत के इकलौते 56 इंच के नेता जितने बेताब होकर खुद को संत साबित करने की कोशिश करते हैं,ऐसा कोई नहीं करता। इसीलिए जनता को संबोधित करते समय उनकी आवाज में हमेशा उन्माद रहता है और वे खुद को निस्वार्थ महात्मा होने का ढोंग करते हैं!’
मधु किश्वर आगे कहती हैं कि जब मोदी जी ने 2014 के चुनाव प्रचार के दौरान पहली बार ‘56 इंच की छाती’ कहा था, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे कहा था, ‘ऐसा मत कीजिए नरेंद्र भाई। यह भद्दा लगता है।’सुश्री किश्वर के मुताबिक उनका जवाब था – ‘आम जनता को यह पसंद है, मधु जी। आप जैसे बुद्धिजीवी ही परिष्कृत भाषण चाहते हैं।’
मधु किश्वर ने मोदी समर्थकों से कहा है कि अब अपने हृदय सम्राट से पता कीजिए कि उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह के कैबिनेट सचिव को प्रधानमंत्री कार्यालय में अपना सर्वोच्च अधिकारी क्यों नियुक्त किया? ऐसे लोगों के लिए उन्होंने तल्खी के साथ लिखा – ‘जितना अधिक तुम अपने झूठ और अश्लील आरोपों से मुझे उकसाओगे, उतना ही अधिक कीचड़ चारों ओर से निकलकर तुम्हारे हृदय सम्राट का पर्दाफाश करेगा।’
इस मामले पर द लेंस ने अजीत सेठ से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उनका पक्ष आते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।











