नहीं मिली अंजना ओम कश्यप को राहत, सोशल मीडिया पर बने रहेंगे कंटेंट

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पत्रकार Anjana Om Kashyap और टीवी टुडे नेटवर्क द्वारा दायर मानहानि मुकदमे की सुनवाई की। यह मुकदमा शिक्षकों फैसल खान उर्फ खान सर और अन्य शिक्षकों के खिलाफ है, जिन्होंने कश्यप की स्टार टीचर्स कवरेज से संबंधित कथित टिप्पणियों पर आपत्तिजनक बयान दिए थे।

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सभी प्रतिवादियों पर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 17 जून 2026 को सूचीबद्ध किया है।

जब कश्यप की ओर से वकील ने प्रतिवादियों को कथित मानहानि वाले कंटेट के प्रसार को रोकने के लिए अंतरिम आदेश की मांग की, तो अदालत ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुनने के बाद ही अंतरिम राहत पर विचार करेगी।

सुनवाई के दौरान कश्यप की ओर से वकील ने कहा कि शिक्षकों ने उनके खिलाफ अत्यधिक अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उनके बयानों का मकसद उनके खिलाफ हिंसा भड़काना था। यह भी कहा गया कि टिप्पणियां कश्यप के बच्चों को निशाना बनाती थीं।

प्रतिवादियों की ओर से वकील ने याचिका का विरोध करते हुए मुकदमे की मेंटेनेबिलिटी पर प्रारंभिक आपत्ति उठाई। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी प्रतिवादी को कोई विशिष्ट मानहानिकारक बयान नहीं दिया गया है।

शिक्षकों ने यह भी कहा कि उनके बयान न्यूज चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम में कश्यप द्वारा कोचिंग शिक्षकों के बारे में कथित टिप्पणियों के जवाब में दिए गए थे।चूंकि प्रतिवादियों का जवाब अभी रिकॉर्ड पर नहीं आया था, इसलिए अदालत ने इस चरण में कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

यह मुकदमा खान सर और अन्यों के खिलाफ दायर किया गया है, जिन्होंने कश्यप की “स्टार टीचर्स” कवरेज के संदर्भ में कथित रूप से मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं।

याचिकाकर्ताओं ने विभिन्न कथित बयानों को हटाने की मांग की है, जिनमें ‘बिकाऊ पत्रकार’, ‘चाटुकार’, ‘दलाली’ और ‘फेक न्यूज दुकान’ जैसे शब्द शामिल हैं।

NEET परीक्षा व्यवस्था पर एक लाइव डिबेट के दौरान कश्यप ने कथित तौर पर ऑनलाइन शिक्षकों की आलोचना की और उन्हें ‘फ्रॉड’ तथा व्यूज हासिल करने वाले लोग बताया। मुकदमे के अनुसार, इसके बाद खान सर ने पत्रकार और चैनल को निशाना बनाते हुए टिप्पणियां कीं, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्यवाही शुरू हुई।

याचिकाकर्ताओं ने ऑनलाइन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने तथा 2 करोड़ रुपये का मुआवजा भी मांगा है।

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