रिश्वतखोरी के आरोपों से छूट के बदले अडानी का अमेरिका में 10 अरब डॉलर के निवेश और 15 हजार अमेरिकन को नौकरी का प्रस्ताव

Gautam Adani

नई दिल्ली। अमेरिकी न्याय विभाग गौतम अडानी (Gautam Adani) के खिलाफ लगाए गए रिश्तखोरी के आरोपों को वापस लेने की योजना बना रहा है। गौरतलब है कि बाइडेन सरकार के अंतिम सप्ताहों में दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक अडानी पर अभियोग लगाया गया तो अभियोजकों ने इसे विस्तृत रिश्वतखोरी योजना बताया, जिसमें अमेरिकी निवेशकों की कीमत पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी शामिल थी। अब, मामले की जानकारी रखने वाले कई लोगों के अनुसार, न्याय विभाग इन आरोपों को पूरी तरह से वापस लेने की योजना बना रहा है।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार यह ताजा बदलाव तब आया जब भारतीय अरबपति गौतम अडानी ने राष्ट्रपति ट्रम्प के निजी वकीलों में से एक, रॉबर्ट जे. गिफ्रा जूनियर के नेतृत्व में एक नई कानूनी टीम नियुक्त की। बैठक से परिचित लोगों के अनुसार, गिफ्रा द्वारा अडानी की ओर से किए गए प्रयासों का परिणाम पिछले महीने वाशिंगटन में न्याय विभाग के मुख्यालय में हुई एक अप्रकाशित बैठक में निकला।

एक व्यक्ति ने बताया कि गिफ्रा ने लगभग 100 स्लाइडों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि अभियोजकों के पास बुनियादी सबूतों की कमी क्यों है, साथ ही इस मामले को आगे बढ़ाने का अधिकार क्षेत्र भी क्यों नहीं है। एक अन्य स्लाइड में सरकार को एक आकर्षक प्रस्ताव भी दिया गया: यदि अभियोजक आरोप वापस ले लेते हैं, तो श अदानी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 अरब डॉलर का निवेश करने और 15,000 नौकरियां सृजित करने के लिए तैयार होंगे, जो श्री ट्रम्प के चुनाव के बाद उनके द्वारा किए गए वादे की ही तरह था।

हालांकि अभियोजकों ने बाद में गिफ्रा को बताया कि 10 अरब डॉलर का निवेश मामले के निपटारे में कोई भूमिका नहीं निभाएगा, लेकिन बैठक से परिचित लोगों के अनुसार, बैठक में मौजूद न्याय विभाग के कम से कम एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। अडानी के खिलाफ मूल रूप से ब्रुकलिन के संघीय अभियोजकों द्वारा आरोप लगाए गए थे।

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