रायपुर। आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य की भाजपा सरकार पर शिक्षा के क्षेत्र में लापरवाही और गरीब बच्चों के अधिकारों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने आज रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की खराब हालत और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत सीटों में बड़ी कटौती के मुद्दे उठाए।
पार्टी के प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने मीडिया से कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों को मिलने वाला फंड काफी कम कर दिया गया है। कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, बिजली के बिल बकाया हैं, मरम्मत का काम रुका हुआ है और बच्चों को किताबें-ड्रेस जैसी बुनियादी चीजें भी नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इन स्कूलों को पर्याप्त बजट नहीं दे रही, जिससे कई स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। रायपुर, राजनांदगांव और बस्तर जैसे इलाकों के उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि यह समस्या पूरे प्रदेश में फैली हुई है।
प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ़ ने आरटीई पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने अब निजी स्कूलों में आरटीई के तहत सिर्फ कक्षा 1 से दाखिला देने का नियम बना दिया है। पहले नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 से भी प्रवेश मिलता था, लेकिन अब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई।
इससे गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा, क्योंकि उन्हें बच्चों को नर्सरी-केजी के लिए अलग से मोटी फीस देनी पड़ेगी। पार्टी का दावा है कि पहले 44,173 सीटें थीं, लेकिन अब सिर्फ 19,466 सीटों पर ही एडमिशन दिए जा रहे हैं, यानी करीब 24 हजार सीटें कम कर दी गई हैं।
प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा ने सरकार को शिक्षा विरोधी करार देते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर हजारों स्कूल बंद किए गए, ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की हालत जर्जर है और 50 हजार शिक्षकों की भर्ती नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी मुफ्त शिक्षा की बजाय निजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है।
आप ने सरकार से तीन मुख्य मांगें की हैं। सभी स्वामी आत्मानंद स्कूलों को तुरंत पूरा और नियमित फंड जारी किया जाए। आरटीई के तहत नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 से प्रवेश की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए। पुराने फीडिंग कैडर सिस्टम के तहत शिक्षकों की भर्ती की जाए।
रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान ने चेतावनी दी कि संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत 6-14 साल के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है। अगर सरकार ने इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया, तो पार्टी इसे पूरे प्रदेश में बड़ा जनआंदोलन बनाएगी।










