रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग (Women’s Commission)ने महिलाओं को तुरंत राहत देने के उद्देश्य से रायपुर जिले के प्रकरणों की सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में संभाग प्रभारी सदस्य श्रीमती सरला कोशरिया और सदस्य ओजस्वी मंडावी ने यह सुनवाई की। आयोग के अनुसार जिले के कुल 50 प्रकरणों में से अब तक 28 मामलों की जन-सुनवाई हो चुकी है। इनमें से 7 प्रकरण नस्तीबद्ध (निपटा) कर दिए गए हैं।
सुनवाई के दौरान कई मामलों में दोनों पक्षों को सुना गया और उचित निर्देश दिए गए।
एक मामले में दोनों पक्ष उपस्थित थे। सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग के बाद आवेदिका पति के साथ रहने को तैयार नहीं हुई और स्त्रीधन वापस मांगा। अनावेदक ने 4 नवंबर तक 5 लाख रुपये एकमुश्त देने और 31 अक्टूबर को सामान वापस लेने की सहमति जताई। मामला आगे की सुनवाई के लिए रखा गया।
दूसरे प्रकरण में आवेदिका को संपत्ति में हिस्सा चाहिए था। आयोग ने पूर्व निर्णय के अनुसार ग्राम बिरकोनी में 2 एकड़ खेत और छेरीखेड़ी में एक मकान आवेदिका के नाम पर एक महीने के अंदर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए।
एक अन्य मामले में आवेदिका ने बताया कि समाज के अध्यक्ष उन्हें परेशान कर रहे हैं और चरित्र पर लांछन लगा रहे हैं। बच्चों ने मां के साथ रहना स्वीकार किया। अनावेदक को बच्चों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) निकालकर आवेदिका को देने का निर्देश दिया गया।
एक प्रकरण में आवेदिका ने पति की मारपीट और शराब की लत का जिक्र करते हुए भरण-पोषण और तलाक की मांग की। उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश के साथ मामला नस्तीबद्ध कर दिया गया।
एक दिव्यांग आवेदिका के लिफ्ट संबंधी विवाद में अनावेदक ने लापरवाही स्वीकार की और नवंबर तक लिफ्ट ठीक करने का समय मांगा। मामला आगे की सुनवाई के लिए रखा गया।
एक मामले में अनावेदक विवाहित होने के बावजूद आवेदिका से संपर्क रख रहा था। दोनों को एक-दूसरे से संपर्क न रखने का निर्देश दिया गया। आवेदिका ने आर्थिक सहायता नहीं मांगी। प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया गया।
एक अन्य प्रकरण में दोनों पक्ष साथ रहने को तैयार हुए। अनावेदक ने मारपीट और गाली-गलौज न करने तथा प्रतिमाह 5,000 रुपये खर्च देने का वादा किया। मामला निगरानी में रखा गया।
एक गंभीर मामले में आवेदिका ने शिकायत की थी कि अनावेदक ने 12 साल तक शादी का झांसा देकर उनका शोषण किया। आयोग के निर्देश पर थाना टिकरापारा, रायपुर ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(म) और पॉक्सो अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की।
तीन अन्य प्रकरणों में आवेदिका उपस्थित रही लेकिन अनावेदक अनुपस्थित रहे। अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सुनवाई में रायपुर संभाग प्रभारी श्रीमती मंजू थदानी, महिला थाना प्रभारी राजश्री मौर्य, सीपीओ स्नेहा आकाश राव, वीसी काउंसलर नीति सिंह, प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रीति पांडेय और आयोग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।








