कबीरधाम में सराफा व्यापारी से लाखों की लूट, जंगल में घेरकर पीटा

कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (Kabirdham) जिले में मंगलवार (27 अक्टूबर) की शाम एक सराफा व्यापारी और उसके साथी से लूट की बड़ी वारदात सामने आई है। तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह बदमाशों ने साप्ताहिक बाजार से लौट रहे व्यापारी का रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने पहले जेवरात से भरा बैग छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर डंडे से हमला कर दिया। इसके बाद बदमाश सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए। व्यापारी ने करीब 50 लाख रुपये की लूट का दावा किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी कुल नुकसान की पुष्टि नहीं की है। मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

साप्ताहिक बाजार से लौट रहे थे व्यापारी, घाटी में घेरकर की लूट

जानकारी के मुताबिक, पांडातराई निवासी वेदप्रकाश सोनी सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार करते हैं। मंगलवार को वे अपने साथी नरेंद्र पाटस्कर के साथ ग्राम दलदली के साप्ताहिक बाजार में आभूषणों की खरीद-बिक्री करने गए थे। शाम को दोनों मोटरसाइकिल से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तरेगांव और बैजलपुर के बीच ग्राम दुर्जनपुर के पास घाटी में दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।

आरोपियों ने व्यापारी के पास मौजूद बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर डंडे से हमला कर उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद बदमाश जेवरात और नकदी से भरा बैग लेकर भाग निकले। घटना के बाद व्यापारी ने तरेगांव जंगल थाने में शिकायत दर्ज कराई।

50 लाख की लूट का दावा, पुलिस ने अभी नहीं बताई कुल कीमत

पीड़ित व्यापारी के अनुसार, लूटे गए बैग में 15 किलो से अधिक चांदी के आभूषण, करीब 10 से 15 ग्राम सोने के जेवर और डेढ़ लाख रुपये नकद रखे थे। शुरुआती रिपोर्टों में व्यापारी की ओर से करीब 50 लाख रुपये का नुकसान बताए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि, लूटे गए सामान की कीमत को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बोड़ला एसडीओपी अखिलेश कौशिक के मुताबिक, शिकायत में करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और 15 किलो से अधिक चांदी लूटे जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे में कुल नुकसान कितना हुआ, यह पुलिस की जांच और सामान के मूल्यांकन के बाद ही साफ हो सकेगा।

एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित, साइबर पुलिस भी जांच में शामिल

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने आरोपियों की तलाश के निर्देश दिए हैं। एसडीओपी अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में साइबर थाना और तीन अन्य थानों की पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया है। पुलिस आरोपियों के भागने के संभावित रास्तों और वारदात से जुड़े सुरागों की पड़ताल कर रही है।

सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी या लूटे गए सामान की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जंगल के रास्ते में छह बदमाशों ने रोका, पुलिस की गश्त पर उठे सवाल

तरेगांव और बैजलपुर के बीच घाटी में हुई इस वारदात ने ग्रामीण और जंगल के रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। साप्ताहिक बाजारों में कारोबार करने वाले व्यापारी नकदी और कीमती सामान लेकर इन्हीं रास्तों से आवाजाही करते हैं। ऐसे में छह बदमाशों का व्यापारी को रास्ते में रोकना, मारपीट करना और सामान लेकर फरार हो जाना पुलिस की निगरानी और गश्त की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है।

इस मामले में यह भी जांच का अहम विषय है कि बदमाशों को व्यापारी के पास बड़ी मात्रा में जेवरात और नकदी होने की जानकारी पहले से थी या उन्होंने रास्ते में अचानक वारदात को अंजाम दिया। क्या आरोपियों ने व्यापारी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी थी और क्या उन्होंने भागने के रास्ते की योजना बनाई थी? इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती छह आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और लूटे गए जेवरात व नकदी की बरामदगी की है।

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