रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, किसानों, कर्मचारियों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए कुल 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। दीपावली से ठीक पहले हुए इस कैबिनेट फैसले से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
धान खरीदी और किसानों के लिए बड़े ऐलान
15 नवंबर से धान खरीदी: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत राज्य में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। सरकार 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीदेगी।
नए उपार्जन केंद्र: किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र खोले जाएंगे, जिससे कुल केंद्रों की संख्या 3100 हो जाएगी।
सरल प्रक्रिया: पिछले वर्ष एग्रीस्टेक आईडी के साथ पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। बायोमेट्रिक व्यवस्था के जरिए वास्तविक किसानों से पारदर्शी खरीदी सुनिश्चित की जाएगी।
कृषक उन्नति योजना में बदलाव: अब धान की फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के हिसाब से देने का निर्णय लिया गया है, जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सौगात
लाखों राज्य कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए बहुप्रतीक्षित कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दे दी गई है। अब सूचीबद्ध अस्पतालों में कर्मचारियों को कैशलेस उपचार मिलेगा, जिससे उन्हें इलाज के दौरान अपनी जेब से पूरा खर्च चुकाने और बाद में लंबी प्रतिपूर्ति (reimbursement) प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसके अलावा पूर्व-अनुमोदन और दावे ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से होंगे।
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत मार्च 2027 तक बढ़ी
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-ऊर्जा योजना) के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाली रियायत जारी रहेगी। 200 यूनिट तक बिजली बिल में राहत पाने के लिए 400 यूनिट तक मासिक खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। इससे करीब 7.25 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा।
8,000 करोड़ की रेल परियोजना को मंजूरी
कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ करीब 295 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस पर लगभग 8000 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे रेल संपर्क से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
सड़क ठेकेदारों और डामर राहत
डामर (Bitumen) की कीमतों में आई असाधारण वृद्धि को देखते हुए सरकार ने सड़क निर्माण ठेकेदारों को बड़ी राहत दी है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण और अन्य राज्य वित्तपोषित सड़क कार्यों के लिए कुल 130.88 करोड़ रुपये तक की राहत बजट अनुदान के रूप में दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
खेल और पर्यटन विकास के लिए नए मिशन
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन: स्कूली स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए इस मिशन को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शुरुआती चरण में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर बनेंगे।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन: अगले 5 वर्षों में पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और स्वच्छता के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
अन्य प्रमुख प्रशासनिक व विकास से जुड़े फैसले
अधोसंरचना मिशन: सड़क और बुनियादी परियोजनाओं की गुणवत्ता व डिजिटल निगरानी के लिए 500 करोड़ रुपये के साथ ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ को मंजूरी।
राजनीतिक आंदोलन के केस वापसी: जनहित में विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 9 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने की अनुमति।
नाम परिवर्तन: रायपुर जिले की नगर पंचायत ‘कूंरा’ का नाम बदलकर ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप ‘कुंवरगढ़’ कर दिया गया है।
कोल गैसीफिकेशन और फ्रूट प्रोसेसिंग: 1000 करोड़ से अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन और राजनांदगांव के सोमनी में 400 करोड़ की लागत से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी।
सरकारी परिसंपत्तियों का पुनर्विकास: पीपीपी मॉडल पर दुर्ग, रामानुजगंज, जशपुर, सक्ती और धमतरी की पांच सरकारी परिसंपत्तियों के पुनर्विकास की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।










