नई दिल्ली। जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से राहत नहीं मिली है। दिल्ली की अदालत ने सोमवार को उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला जुलाई में Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है।
एक दिन की पुलिस हिरासत के बाद कोर्ट में पेशी
स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाया गया। शनिवार को अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब भारद्वाज को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायिक हिरासत में रहना होगा।
जंतर-मंतर पर मारपीट का क्या है मामला?
यह पूरा मामला जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की गई थी। इसी मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पुलिस की जांच के घेरे में आए। मामला तब और चर्चा में आया, जब एक वीडियो पॉडकास्ट में भारद्वाज के कथित बयानों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई। पुलिस इस वीडियो और दूसरे उपलब्ध सबूतों की भी जांच कर रही है।
FIR में SC/ST और POCSO से जुड़े प्रावधान
मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act से जुड़े प्रावधान जोड़े हैं। इसके अलावा आपराधिक धमकी से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। भारद्वाज के खिलाफ POCSO Act के तहत भी एक अलग मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े वीडियो, बयानों और अन्य सबूतों को आपस में मिलाकर जांच आगे बढ़ा रही है।
गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे भारद्वाज
इस बीच स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने हैबियस कॉर्पस याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए रिहाई की मांग की है। इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई हो रही है। फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। यानी एक तरफ निचली अदालत ने भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, वहीं दूसरी तरफ उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर दी।








