नई दिल्ली। आईसीयू में भर्ती पद्मश्री से अलंकृत प्रो. टीके लाहिड़ी (Prof. T.K. Lahiri)के साथ बीएचयू स्थित सर सुन्दरलाल चिकित्सालय में मारपीट का आरोप लगने के बाद कार्रवाई का दौर जारी है। उनकी देखरेख में लगे चिकित्सक डा. अरविंद पांडेय पर गाली-गलौज और थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए प्रो. लाहिड़ी की एक रिश्तेदार ने बीएचयू प्रशासन को ई-मेल भेजा था। इसके बाद डा. अरविंंद को उनकी देखरेख की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। जबकि जांच कमेटी रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही सौंपने जा रही है।
रविवार को भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने अस्पताल का दौरा कर डा. टीके लाहिड़ी के स्वास्थ्य के बारे में जाना और उनसे कुशलक्षेम पूछी। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने आरोपों को निराधार बताया है, लेकिन मामले की जांच के लिए चिकित्सकों की कमेटी गठित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रविवार को राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने रविवार को प्रो. लाहिड़ी से बीएचयू अस्पताल जाकर मुलाकात की और उनके बेहतर उपचार का निर्देश दिया। रवींद्र जायसवाल के अनुसार, उन्होंने प्रो. लाहिड़ी से घटना के बारे में पूछा तो वह हंस पड़े और कहा कि कौन ऐसी अफवाहें फैला रहा है।
85 वर्षीय प्रो. लाहिड़ी पिछले आठ माह से बीएचयू के कार्डियो थोरेसिक विभाग की आइसीयू में भर्ती हैं। ई-मेल में स्वयं को उनकी भांजी बताने वाली महिला ने आरोप लगाया है कि एक सितंबर को उनकी देखरेख में लगे चिकित्सक ने प्रो. लाहिड़ी के साथ गाली-गलौज की और थप्पड़ मारे।
इससे उनके गाल, कनपटी और आंखों में चोट लगने की बात कही गई है।पद्मश्री डॉ. टीके लहरी के साथ दुर्व्यवहार के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
बीएचयू में रिटायरमेंट के बाद अवैतनिक काम करने वाले डॉ लाहिड़ी की भतीजी के ई-मेल का स्क्रीनशाट इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित हुआ है।चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि प्रो. लाहिड़ी डिमेंशिया से पीड़ित हैं और उनके ही शिष्य डा. अरविंद पांडेय के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम उनकी सेवा-सुश्रुषा कर रही है।
उन्होंने मारपीट के आरोप को अकल्पनीय बताया। डीन प्रो. संजय गुप्ता ने भी आरोप को सही नहीं बताया। सर सुंदरलाल चिकित्सालय के एमएस प्रो. पुनीत ने कहा कि मामला सामने आया है तो इसकी जांच कराई जाएगी।







