बालाघाट। Balaghat जिले में बैगा समुदाय के 27 बच्चों की मौत हो गई है। खसरा, मलेरिया और कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियां बच्चों पर कहर बरपा रहीं हैं। 132 बच्चे अब भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। हालांकि सरकार 10 बच्चों की मौतों की पुष्टि ही इन बीमारियों से कर रही है। यदि हालत इसी प्रकार रहे तो बच्चों की मौत की संख्या और भी बढ़ सकती है।
वहीं बच्चों की मौत और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को बदल दिया है। डिंडौरी के सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय को बालाघाट की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि डॉ. परेश उपलव को पद से मुक्त किया गया है।
जून से अब तक 27 मौतें, 132 बेड पर
जानकारी के अनुसार, बालाघाट जिले के मुड़ेरा, अडोरी, सोनगुढ़ा, मोहनपुर, कोकोरा और कुंडेसरा समेत कई आदिवासी गांवों से बड़ी संख्या में बीमार बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल लाया जा रहा है।
आदिवासी अंचलों से अस्पताल पहुंच रहे बीमार बच्चों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां जून से अब तक जिले में 27 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद भी बच्चों के बीमार होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले करीब 24 घंटे में जिला अस्पताल में 132 बच्चे भर्ती हुए हैं। इनमें बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित बच्चे शामिल हैं।
दो– दो लाख मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौत के बाद प्रभावित आदिवासी गांवों का दौरा किया। उन्होंने मृत बच्चों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये सहायता देने और क्षेत्र में स्वास्थ्य, पोषण व रोजगार सुविधाएं बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
आदिवासी समाज का बालाघाट बंद का ऐलान
बालाघाट के बैहर और परसवाड़ा क्षेत्र के आदिवासी गांवों में बच्चों की मौत के मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने से आदिवासी समाज नाराज है। इसी नाराजगी के चलते आज बालाघाट बंद का ऐलान किया गया है। आदिवासी समाज का आरोप है कि दो दर्जन से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत के बावजूद, प्रदेश सरकार ने जिम्मेदार स्वास्थ्य, पीएचई और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। समाज का कहना है कि सरकार ने जो मुआवजा दिया है, वह भी बहुत कम है। उनकी मांग है कि सरकार मुआवजा राशि बढ़ाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे।








