युवा कांग्रेस चुनाव में ‘रेत माफिया के पैसे’ का आरोप, डॉ. शिव डहरिया के दावे के बाद कांग्रेस में फिर गुटबाजी की चर्चा

Dr. Shiv Dahariya

रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव के बीच कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और कथित फंडिंग को लेकर सियासत गरमा गई है। युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव में डॉ. शिव डहरिया (Dr. Shiv Dahariya) ने दावा कि युवक कांग्रेस के चुनाव में रेत माफिया का पैसा लग रहा है।

डॉ. शिव डहरिया के इस दावे ने युवा कांग्रेस चुनाव में धनबल और कथित अवैध फंडिंग के अलावा कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और भविष्य की राजनीतिक दावेदारी को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

इस बयान को राजनीतिक समीकरणों के साथ देखा जाए तो मामला और दिलचस्प हो जाता है।

प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के बीच मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में है और दोनों को कांग्रेस के अलग-अलग खेमों से जोड़कर देखा जा रहा है।

युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए फिलहाल 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिनमें 7 का उपाध्यक्ष बनना तय है।

युवा कांग्रेस की राजनीति से जुड़ी चर्चाओं में चेलक को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खेमे से जुड़ा बताया जाता है, जबकि शैलेंद्र बंजारे को विधायक देवेंद्र यादव के समर्थन वाले खेमे का उम्मीदवार माना जा रहा है।

ऐसे में चुनाव युवा कांग्रेस के संगठनात्मक पद से आगे बढ़कर कांग्रेस के भीतर अलग-अलग नेताओं की राजनीतिक ताकत की परीक्षा बनता दिखाई दे रहा है।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य दौड़ में शामिल दोनों ही युवा नेता रेत के कारोबार से जुड़े रहे हैं। सत्येंद्र चेलक आरंग क्षेत्र से आते हैं और शैलेंद्र बंजारे बलौदाबाजार जिले से।

ऐसे में रेत माफिया वाले बयान के बाद छिड़े विवाद में आरंग का राजनीतिक समीकरण सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आया है।

सत्येंद्र चेलक आरंग क्षेत्र से आते हैं। यही वह विधानसभा क्षेत्र है, जहां से डॉ. शिव डहरिया विधायक रहते हुए मंत्री रह चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में शिव डहरिया को भाजपा के गुरु खुशवंत से हार का सामना करना पड़ा था।

अब राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल उठ रहा है कि अगर सत्येंद्र चेलक आने वाले समय में आरंग से अपनी राजनीतिक दावेदारी मजबूत करते हैं, तो क्या इससे डॉ. डहरिया के लिए भविष्य में चुनौती खड़ी हो सकती है?

सत्येंद्र चेलक को प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ-साथ कई पूर्व दिग्गज मंत्रियों का समर्थन मिलने की चर्चा भी है। ऐसे में आरंग में एक नया युवा चेहरा मजबूत होना डॉ. डहरिया के पुराने राजनीतिक प्रभाव के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा सकता है।

डॉ. शिव डहरिया का युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर दिया गया बयान कांग्रेस के भीतर अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। उन्होंने कथित तौर पर चुनाव में रेत कारोबार के पैसे के इस्तेमाल पर भले ही दावा किया है लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में उनके रुख को युवा कांग्रेस के मौजूदा गुटीय समीकरणों और आरंग की भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

भाजपा अब शिव डहरिया के कथित बयान को कांग्रेस पर हमला करने के लिए इस्तेमाल कर रही है। विधायक अजय चंद्राकर सहित कई भाजपा प्रवक्ताओं ने कांग्रेस के इस विवाद को ‘यादवी संघर्ष’ बताते हुए निशाना साधा है।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस शासनकाल में आबकारी और कोयले के साथ रेत के कारोबार में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं और अब उसी कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल संगठन चुनाव में होने का सवाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ही उठा रहे हैं।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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