भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर लोहा चोरी को लेकर भाजपा विधायक रिकेश सेन ने छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम को पत्र लिखकर पूरे मामले में गंभीरता से जांच और कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया कि पिछले करीब 40 वर्षों में भिलाई इस्पात संयंत्र से ₹10 हजार करोड़ का लोहा चोरी हुआ है। उन्होंने इस दावे के समर्थन में कई बिंदु उठाते हुए पुलिस से कथित लोहा चोरी के नेटवर्क, ट्रांसपोर्टरों, प्लांट अधिकारियों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। हालांकि, पोस्ट में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विधायक ने पुलिस के सामने रखे 12 बिंदु
रिकेश सेन ने अपने पत्र में पुलिस को जांच के लिए कई संभावित रास्ते सुझाए हैं। उनके मुताबिक—
- स्क्रैप से जुड़ी 100 से अधिक गाड़ियों की जांच:
विधायक ने दावा किया कि जिन 100 से अधिक वाहनों का इस्तेमाल कथित तौर पर लोहा चोरी में हुआ, उन्हें बाद में काट दिया गया। उन्होंने RTO रिकॉर्ड से इन वाहनों और उनके मालिकों की जानकारी निकालकर जांच आगे बढ़ाने की मांग की है। - प्लांट अधिकारियों की भूमिका की जांच:
उन्होंने सवाल उठाया कि कथित तौर पर लोहा चोरी में ट्रांसपोर्टर पकड़े जाने के बावजूद कई मामलों में FIR दर्ज करने के बजाय केवल वाहनों को ब्लैकलिस्ट क्यों किया गया। विधायक ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। - स्क्रैप और प्लांट से बाहर जाने वाले माल का हिसाब:
विधायक ने सवाल उठाया कि स्क्रैप के टेंडर और प्लांट से बाहर जाने वाले माल का वजन और सत्यापन किस तरह किया जाता था। उन्होंने CISF की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। - ट्रांसपोर्ट यूनियन के लेन-देन की जांच:
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्ट यूनियन के नाम पर बड़ी रकम वसूली जाती है। विधायक ने इस पैसे के इस्तेमाल और कथित तौर पर इसके बंटवारे की जांच की मांग की है। - कथित अवैध कमाई के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप:
सेन ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि लोहा चोरी और यूनियन से जुड़े कथित पैसों का इस्तेमाल सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से इस पहलू पर भी संज्ञान लेने को कहा है। - भाजपा पदाधिकारी की गिरफ्तारी पर सवाल:
विधायक ने एक मंडल कोषाध्यक्ष की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे पुराने कथित लोहा चोरी नेटवर्क की जांच किए बिना एक व्यक्ति पर कार्रवाई को अलग नजरिए से देखा जा रहा है। उन्होंने इस मामले में पुलिस से स्पष्टीकरण की मांग की है। - कथित ट्रांसपोर्टरों की संपत्ति की जांच:
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ट्रांसपोर्टर कथित तौर पर भारी रकम खर्च कर समाजसेवा की छवि बना रहे हैं। विधायक ने उनकी आय, संपत्ति और धन के स्रोत की जांच की मांग की है। - DGP से निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की अपील:
रिकेश सेन ने DGP अरुण देव गौतम की कार्यशैली की सराहना करते हुए उनसे राष्ट्रीय संपत्ति के कथित नुकसान के मामले में बिना दबाव कार्रवाई करने की अपील की है। - गंभीर अपराधों से कथित कनेक्शन का आरोप:
विधायक ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि कुछ कथित लोहा चोरी से जुड़े ट्रांसपोर्टर जेल में बंद अपराधियों को कानूनी मदद दिलाते हैं और उनके नेटवर्क का इस्तेमाल दूसरे अपराधों में भी हो सकता है। उन्होंने इस पहलू की जांच की मांग की है। - पुलिस से मामले को प्राथमिकता देने की मांग:
सेन ने कहा कि पुलिस कई छोटे मामलों में भी तत्काल संज्ञान लेती है, ऐसे में राष्ट्रीय संपत्ति से जुड़े इतने बड़े आरोपों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। - अब तक की जांच को अधूरा बताया:
विधायक के अनुसार, दुर्ग पुलिस ने लोहा चोरी के मामलों में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन उनके मुताबिक जांच कथित नेटवर्क के मुख्य लोगों तक नहीं पहुंची है। - रसमड़ा की फैक्ट्रियों की भी जांच की मांग:
उन्होंने दावा किया कि भिलाई इस्पात संयंत्र से कथित तौर पर चोरी किया गया लोहा रसमड़ा स्थित एक फैक्ट्री तक पहुंचता था। विधायक ने संबंधित फैक्ट्री और उसके संचालक की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
DGP से बोले- ‘राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा कीजिए’
अपने पत्र के अंत में विधायक रिकेश सेन ने DGP से पूरे मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसंपत्तियों में शामिल है और यदि यहां से बड़े पैमाने पर चोरी या अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
पुलिस की प्रतिक्रिया

विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों के इस पूरे मामले में दुर्ग SSP विजय अग्रवाल ने कहा कि BSP के लोहा चोरी के मामले में जांच चल रही है।

जानकारी के लिए आपको बता दें ये पहली बार नहीं इसके पहले भी विधायक रिकेश सेन लगातार ऐसे आरोप लगा रहे हैं।









