रायपुर में वाटर कूलर छूते ही युवक की मौत, बचाने दौड़ा पुलिसकर्मी भी झुलसा; एक हफ्ते में दूसरा करंट हादसा

रायपुर। राजधानी रायपुर में बारिश के मौसम के बीच करंट लगने से हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा थाना परिसर में वाटर कूलर से पानी पीने पहुंचे 32 वर्षीय युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। युवक को करंट से चिपका देख उसे बचाने पहुंचे एक पुलिस आरक्षक भी बुरी तरह झुलस गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर बिजली उपकरणों की सुरक्षा और उनकी नियमित जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पानी पीने गए थे, कूलर छूते ही लगा करंट

पुलिस के मुताबिक बिल्हा निवासी रमेश ठाकुर किसी काम से विधानसभा थाना पहुंचे थे। परिसर के बाहर लगे वाटर कूलर से पानी पीने के लिए जैसे ही उन्होंने कूलर को छुआ, अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए। रमेश वहीं तड़पने लगे। उन्हें बचाने के लिए पुलिस आरक्षक गणेश आगे बढ़े, लेकिन वे भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए।

इसके बाद बिजली कनेक्शन बंद कराया गया और दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने रमेश ठाकुर को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल आरक्षक गणेश का उपचार जारी है। घटना के बाद बिजली विभाग की टीम ने कूलर और उसके कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है।

एक सप्ताह पहले मां-बेटे की भी गई थी जान

रायपुर में करंट से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले टिकरापारा इलाके में भी कूलर से फैले करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत हो गई थी। 54 वर्षीय कल्याणी बाई यादव अपनी बेटी से मिलने आई थीं। घर की बालकनी में लगे विंडो कूलर के पास कपड़े सुखाने के लिए लोहे का जीआई पाइप लगाया गया था।

बताया गया कि कूलर में बिजली की खराबी के चलते करंट पाइप और बालकनी की रेलिंग तक पहुंच गया था। कपड़े उतारते समय कल्याणी बाई पाइप के संपर्क में आते ही करंट की चपेट में आ गईं। उन्हें बचाने पहुंचे 23 वर्षीय बेटे मधुसूदन यादव भी करंट से चिपक गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बारिश में क्यों बढ़ जाता है करंट का खतरा?

लगातार बारिश और वातावरण में नमी के कारण बिजली के उपकरणों में करंट लीकेज का खतरा बढ़ जाता है। खासकर पुराने कूलर, खुले तार, खराब प्लग और खराब अर्थिंग वाले उपकरण ज्यादा जोखिम पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी उपकरण की धातु वाली बॉडी में करंट उतरने की स्थिति में उसे छूना जानलेवा साबित हो सकता है।

ऐसे में बारिश के दौरान घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे कूलर, मोटर, स्विच बोर्ड और अन्य बिजली उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।

कूलर में करंट आए तो क्या करें?

बिजली उपकरण से किसी व्यक्ति को करंट लगने पर सबसे बड़ी गलती पीड़ित को सीधे हाथ से पकड़ना हो सकती है। ऐसा करने पर बचाने वाला व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है। सबसे पहले मुख्य बिजली सप्लाई बंद करनी चाहिए। इसके बाद सूखी लकड़ी या किसी गैर-चालक वस्तु की मदद से व्यक्ति को बिजली के स्रोत से अलग किया जा सकता है।

घर में RCCB-ELCB लगाना भी जरूरी

बारिश के मौसम में बिजली से होने वाले हादसों को रोकने के लिए घरों और प्रतिष्ठानों में RCCB या ELCB जैसे सुरक्षा उपकरण लगाना मददगार हो सकता है। करंट लीकेज का पता चलने पर ये उपकरण बिजली सप्लाई को तुरंत ट्रिप कर देते हैं।

इसके साथ ही कूलर और अन्य बिजली उपकरणों की समय-समय पर सर्विसिंग कराना, खुले तारों से बचना और गीले हाथों से बिजली के उपकरण नहीं छूना जरूरी है।

बारिश में छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

रायपुर में एक सप्ताह के भीतर सामने आए इन दोनों हादसों ने साफ कर दिया है कि बारिश के मौसम में बिजली उपकरणों को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। विधानसभा थाना परिसर का हादसा खास तौर पर इसलिए गंभीर है क्योंकि घटना एक सार्वजनिक जगह पर हुई। अब सवाल यह है कि क्या बिजली उपकरणों की नियमित सुरक्षा जांच को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है।

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