जनरल नरवणे के बाद सोनिया गांधी की किताब को छापने से पेंग्विन का इंकार, एडिटिंग और अंश हटाने का दबाव

BELONGING

नई दिल्ली। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया कथित तौर पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरण पुस्तक ‘BELONGING: A Journey of Love’ को भारत में प्रकाशित नहीं करेगा। पांडुलिपि में प्रस्तावित संपादकीय बदलावों को लेकर असहमति हुई है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सूत्रों ने कहा कि यह फैसला पीआरएचआई के पांडुलिपि के एक हिस्से में कुछ संपादकीय बदलाव और कटौती की मांग के बाद आया, जिसे सोनिया गांधी ने अस्वीकार कर दिया।

पेंगुइन इंडिया के बाहर होने के बाद कई प्रकाशक भारत में इस संस्मरण को प्रकाशित और वितरित करने की दौड़ में हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार हार्परकॉलिन्स समझौता अंतिम रूप देने के करीब है, हालांकि कोई अंतिम सौदा आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है।

यह कथित असहमति संस्मरण के भारतीय प्रकाशन से संबंधित है। इसके अंतरराष्ट्रीय रिलीज में कोई बदलाव नहीं है। Belonging: A Journey of Love 10 नवंबर 2026 को अल्फ्रेड ए. नॉफ के माध्यम से जारी होने वाली है। नॉफ पेंगुइन रैंडम हाउस का एक डिवीजन है। नॉफ ने 1,00,000 प्रतियों का प्रारंभिक प्रिंट रन घोषित किया है।

यह संस्मरण गांधी की यात्रा को युद्ध के बाद के इटली में उनके बचपन से भारत आने, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से शादी और नेहरू-गांधी परिवार के साथ उनके जीवन तक बताने वाला है। इसमें प्रमुख व्यक्तिगत त्रासदियों का भी उल्लेख होने की उम्मीद है, जिनमें संजय गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की मौतें शामिल हैं, साथ ही उनके सार्वजनिक जीवन में प्रवेश का भी।

यह संस्मरण 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री न बनने के सोनिया के फैसले को भी संबोधित करने वाला है।

प्रकाशक की घोषणा में सोनिया ने कहा, ‘मेरे परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन कुछ ही आख्यान उनके उद्देश्यों, उनके कार्यों और यहां तक कि उनकी मानवीय कमजोरियों की सच्चाई तक पहुंच पाए… मेरी कहानी पाठकों को उन सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों का एक अनूठा दृष्टिकोण भी देती है जिन्हें मैंने छह दशकों से देखा है।‘ नॉफ ने इस पुस्तक को प्रेम, परिवार बताने वाले संस्मरण के रूप में वर्णित किया।

राहुल गांधी ने भी आगामी संस्मरण पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपनी मां को ‘मामा’ कहकर संबोधित किया और 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद के वर्षों को याद किया।

उन्होंने लिखा, ‘जिस दिन पापा चले गए, उस दिन से मैंने देखा है कि आपने जीवन ने जो कुछ भी आपके सामने रखा, उसका सामना कभी न खत्म होने वाले साहस और गरिमा के साथ किया।’

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि सोनिया गांधी ने अपनी कहानी उन लाखों लोगों के साथ साझा करने का फैसला किया है जो उनका अनुसरण और समर्थन करते रहे हैं। उन्होंने उस जीवन के बारे में सार्वजनिक रूप से लिखने की कठिनाई का भी जिक्र किया जिसे उन्होंने ज्यादातर निजी रखा था।

यह ताजा विकास पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया से जुड़ी अन्य हालिया प्रकाशन विवादों के बीच आया है। पेंगुइन ने इस साल पहले कहा था कि उसने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की संस्मरण पुस्तक Four Stars of Destiny को ’प्रिंट नहीं किया’। उसके बाद राहुल गांधी ने संसद में उसकी हार्ड कॉपी प्रदर्शित की। मीडिया रिपोर्टों में गलवान झड़पों और अग्निवीर योजना से संबंधित पांडुलिपि के अंश प्रकाशित हुए थे। जिसमें पीएम के उस बयान का जिक्र था कि जो उचित समझो वो करो।

जून में पेंगुइन ने ग्राफिक उपन्यासकार जो सैको की पुस्तक The Once and Future Riot को भी रद्द कर दिया था, जो मुजफ्फरनगर दंगों के बारे में है। पीआरएचआई के सीईओ गौरव श्रीनागेश ने तब कहा था कि प्रकाशक ने कानूनी जांच के दौरान लेखक के साथ सामग्री संबंधी मुद्दे उठाए थे, जिसमें भारत की गलत सीमाएं दिखाने वाले नक्शे को लेकर चिंताएं

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