रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव स्थित ब्लू वॉटर (Blue Water) में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान का शव करीब 77 घंटे बाद पानी के ऊपर आया। तीन दिनों तक SDRF और NDRF की टीमें गहरे पानी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाती रहीं, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद आदिल का कोई सुराग नहीं मिल सका था। आखिरकार शनिवार देर रात उसका शव खुद ही पानी की सतह पर ऊपर आ गया।
आदिल के 19 अगस्त की शाम को तैरते वक़्त पानी में।डूबा था। बताया गया कि आदिल अपने तीन दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच पानी के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतरे, लेकिन तैरते हुए आदिल गहरे पानी की तरफ चला गया और देखते ही देखते डूब गया। घटना का वीडियो भी सामने आया था।
घटना के बाद माना थाना पुलिस के साथ SDRF की टीम ने तलाश शुरू की। बाद में NDRF की टीम को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया। ब्लू वॉटर की अत्यधिक गहराई और पानी के अंदर बेहद ठंडे तापमान के कारण गोताखोरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
रिपोर्टों के मुताबिक पानी की गहराई को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आए हैं और इसी वजह से गहराई में जाकर सर्च करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
करीब तीन दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद जब आदिल का शव नहीं मिला। परिजन लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहे और उसके मिलने का इंतजार करते रहे। रेस्क्यू टीमों की लगातार कोशिशों के बीच आखिरकार 77 घंटे बाद आदिल का शव खुद पानी के ऊपर आ गया।
इस हादसे के बाद एक बार फिर ब्लू वॉटर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच प्रशासन ने ब्लू वॉटर क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने और पूरे इलाके की फेंसिंग करने की बात कही है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी क्षेत्र को प्रतिबंधित करने और सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने की जानकारी दी है।
दोस्तों के साथ लगी एक शर्त ने आदिल की जान ले ली और तीन दिन से ज्यादा समय तक पूरा परिवार उसके शव के मिलने का इंतजार करता रहा। आखिरकार रेस्क्यू टीमों की लंबी जद्दोजहद के बाद शव की तलाश खत्म हुई, लेकिन इस हादसे ने ब्लू वॉटर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







