नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में जवानों द्वारा आत्महत्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए बल मुख्यालय ने एक उच्च स्तरीय 10 सदस्यीय कोर ग्रुप का गठन किया है। यह समूह हर महीने इन मामलों की समीक्षा करेगा और जवानों के मानसिक स्वास्थ्य व तनाव को कम करने के लिए कड़े कदम उठाएगा।
पिछले साल 59 जवानों ने किया सुसाइड
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में सीआरपीएफ के 59 जवानों ने आत्महत्या की, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। इसके अलावा, जनवरी से मई 2026 के बीच भी 19 जवानों की ऐसी मौतें दर्ज की गईं। पिछले पांच वर्षों में कुल 281 सीआरपीएफ कर्मियों ने आत्महत्या की है, जिनमें से अधिकांश मामले ड्यूटी के दौरान सामने आए।
सुसाइड करने वालों में ज्यादातर कांस्टेबल
आत्महत्या करने वालों में 80 फीसदी कांस्टेबल थे। पिछले वर्ष 59 कर्मियों ने अपनी जान ली, जबकि 2024 में यह संख्या 46, 2023 में 57, 2022 में 43 और 2021 में 57 थी। इनमें से पांच वर्षों में 128 कर्मियों ने फांसी लगाकर, 118 ने गोली मारकर, 12 ने जहर खाकर और दो मामलों में कर्मियों ने ट्रेन के आगे कूदकर या अपनी नसें या गला काटकर आत्महत्या की।’
एनएचआरसी (NHRC) का दखल
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में 19 जवानों की आत्महत्या की घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग ने केंद्रीय गृह सचिव और CRPF के महानिदेशक को नोटिस जारी कर विस्ति रिपोर्ट मांगी थी।








