रायपुर। रायपुर जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रोग्राम मिशन उत्कर्ष 2.0 (Mission Utkarsh 2.0) के मासिक यूनिटी टेस्ट के प्रश्नपत्र पर अडानी फाउंडेशन का लोगो छपा होने को लेकर सोशल मीडिया में विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्नपत्र की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वायरल तस्वीरों में जुलाई 2026 के कक्षा 10 विज्ञान विषय के ‘मंथली यूनिटी टेस्ट’ के प्रश्नपत्र में जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग का नाम और अडानी फाउंडेशन का लोगो दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को निजी कंपनियों के हाथों सौंपने की तैयारी बताया। पंकज शर्मा ने कहा कि बच्चों को अडानी फाउंडेशन का लोगो लगा प्रश्नपत्र दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अडानी के तलवे चटाने का नया आइडिया ढूंढ रही है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
दूसरी तरफ इसी प्रश्नपत्र को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि सरकारी स्कूलों की परीक्षा में किसी निजी कंपनी के फाउंडेशन का लोगो क्यों लगाया गया है।
एक वायरल पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में निजी कंपनियों को बढ़ावा दे रही है और इस पर शिक्षा विभाग व सरकार से जवाब मांगा गया है।
जिला प्रशासन ने कहा – PPP मॉडल के तहत चल रहा प्रोग्राम
हालांकि, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन का पक्ष अलग है। प्रशासन का कहना है कि मिशन उत्कर्ष 2.0 एक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत संचालित कार्यक्रम है। इसी साझेदारी के तहत तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए कार्यक्रम से जुड़े अध्ययन सामग्री और प्रश्नपत्रों पर सहयोगी संस्था का लोगो लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि इसका स्कूलों के संचालन या पाठ्यक्रम के निजीकरण से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
क्या है मिशन उत्कर्ष 2.0?
मिशन उत्कर्ष 2.0 स्थानीय स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए रायपुर जिला प्रशासन द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष शैक्षणिक अभियान एवं शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम है।
इस प्रोग्राम के तहत शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशालाएं और 5 दिवसीय विषयवार प्रशिक्षण आयोजित करना, ऑडियो-वीडियो एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष जोर, विद्यार्थियों को नए परीक्षा ब्लूप्रिंट के अनुरूप तैयारी कराकर बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करना और स्थानीय स्तर पर सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।








