हजारों लोगों ने समंदर पार कर स्पेन में किया प्रवेश,मोरक्को सीमा पर बढ़ा प्रवासी संकट, सेउटा में सेना तैनात करेगा स्पेन, देखें वीडियो

लेंस डेस्क। स्पेन और मोरक्को की सीमा पर प्रवासी संकट एक बार फिर गहरा गया है। हजारों लोगों ने स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र सेउटा (Ceuta) में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद spain सरकार ने हालात संभालने के लिए सेना तैनात करने का फैसला किया है। सीमा पर लगातार बढ़ती भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के बीच स्थानीय प्रशासन ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजने की मांग की थी।

सीमा पर अचानक बढ़ी भीड़

पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में प्रवासी मोरक्को से सेउटा पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोगों ने समुद्र के रास्ते तैरकर सीमा पार करने का प्रयास किया, जबकि कुछ लोगों ने सीमा बाड़ के पास से प्रवेश करने की कोशिश की। वीडियो और तस्वीरों में समुद्र तट और सीमा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ देखी गई। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य से कहीं अधिक गंभीर है और सीमा पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

सेना भेजने का फैसला

स्पेन सरकार ने घोषणा की है कि सिविल गार्ड की सहायता के लिए सशस्त्र बलों को सेउटा भेजा जाएगा, ताकि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके। इसके साथ ही प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ और गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का भी हालात का जायजा लेने के लिए सेउटा का दौरा करेंगे।

स्थानीय प्रशासन बोला- हालात बेहद चुनौतीपूर्ण

सीमा पर तैनात अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग लगातार सीमा पार करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रवासी स्वागत केंद्रों की क्षमता भी लगभग भर चुकी है और कई लोगों को अस्थायी रूप से खुले स्थानों पर रखा जा रहा है। सेउटा प्रशासन ने राष्ट्रीय सरकार से सीमा सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और सेना की तैनाती बढ़ाने की मांग की है।

समुद्र के रास्ते भी पहुंच रहे प्रवासी

अधिकांश प्रवासी उत्तरी मोरक्को के तटीय इलाकों से समुद्र के रास्ते सेउटा पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग लगभग पांच किलोमीटर तक तैरकर स्पेनिश क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों के मुताबिक, इस दौरान समुद्र में डूबने से कम से कम तीन लोगों की मौत भी हुई है।

मोरक्को के साथ समन्वय जारी

स्पेन के गृह मंत्रालय ने कहा है कि मोरक्को की सरकार सीमा पर स्थिति नियंत्रित करने के लिए सहयोग कर रही है। दोनों देशों के अधिकारी अवैध रूप से सीमा पार करने वालों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पर मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि, मोरक्को सरकार ने अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।

अचानक बढ़ी संख्या की वजह क्या?

प्रवासियों की संख्या में अचानक आई बढ़ोतरी की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। कुछ स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि हाल ही में स्पेन की अदालत के एक फैसले के बाद लोगों को लगा कि समुद्र के रास्ते पहुंचने वालों को तुरंत वापस नहीं भेजा जाएगा। हालांकि, कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि अधिकांश प्रवासियों को ऐसे कानूनी फैसलों की जानकारी ही नहीं होती, इसलिए इसे अकेली वजह नहीं माना जा सकता।

2021 जैसा संकट फिर लौटने की आशंका

मौजूदा हालात ने मई 2021 की याद ताजा कर दी है, जब दो दिनों के भीतर 8,000 से अधिक लोग सेउटा पहुंच गए थे। उस समय भी स्पेन और मोरक्को के बीच सीमा प्रबंधन और कूटनीतिक संबंधों को लेकर तनाव बढ़ गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीमा पर दबाव इसी तरह बना रहा तो एक बार फिर दोनों देशों के सामने मानवीय और सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

क्यों अहम है सेउटा?

सेउटा उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन का एक स्वायत्त क्षेत्र है। यह यूरोप और अफ्रीका के बीच एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार माना जाता है। बेहतर रोजगार, सुरक्षा और जीवन की तलाश में अफ्रीका के कई देशों के लोग यहां पहुंचने की कोशिश करते हैं। इसी कारण यह इलाका लंबे समय से अवैध प्रवासन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

फिलहाल स्पेन सरकार सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और हालात सामान्य करने की कोशिश कर रही है। वहीं, प्रवासियों की बढ़ती संख्या और मानवीय जरूरतों को देखते हुए प्रशासन पर दबाव भी बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की संयुक्त कार्रवाई और सीमा प्रबंधन की रणनीति इस संकट को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now