लेंस डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करने की कोशिश नाकाम रही। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को बंद रखने की बात दोहराई है। इस बीच इजराइल ने लेबनान में नए हवाई हमले किए हैं, जबकि तेल और गैस बाजार पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
सीनेट में एक वोट से गिरा प्रस्ताव
अमेरिकी सीनेट में पेश उस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी, जिसमें राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ किसी भी नए सैन्य अभियान से पहले कांग्रेस की अनुमति लेना अनिवार्य करने की मांग की गई थी। मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 49 और विरोध में 50 वोट पड़े। रिपब्लिकन सांसद डेव मैककॉर्मिक मतदान में शामिल नहीं हुए। प्रस्ताव गिरने के बाद अब इसे दोबारा पेश करने की प्रक्रिया अपनानी होगी।
विपक्ष ने उठाया संसद की मंजूरी का मुद्दा
अमेरिका के विपक्षी सांसदों का कहना है कि किसी भी बड़े सैन्य अभियान का फैसला केवल राष्ट्रपति नहीं, बल्कि संसद की मंजूरी के बाद होना चाहिए। फिलहाल यह मामला सीनेट की विदेश मामलों से जुड़ी समिति के पास है।
ईरान का दावा- कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन हमला
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयरबेस स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया। ईरानी मीडिया के अनुसार इस कार्रवाई में लड़ाकू विमानों के हैंगर, सैटेलाइट संचार प्रणाली और सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखने की चेतावनी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा और हालिया अमेरिकी हमलों का जवाब दिया जाएगा। वहीं ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने केश्म द्वीप पर नागरिकों की मौत के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसकी कीमत चुकानी होगी।
लेबनान में इजराइल के नए हमले
इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में रातभर हवाई और तोपखाने से हमले किए। स्थानीय मीडिया के अनुसार मरजायौन और टायर जिले के कई इलाकों में विस्फोट हुए, जिससे आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचा। सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी गोलीबारी की भी खबर है।
तेल की कीमतों में नरमी, लेकिन जुलाई में बड़ी बढ़त
तनाव के बीच शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 82 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। हालांकि, पूरे जुलाई महीने में तेल की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान जताया जा रहा है।
ईरान में गैस संकट गहराने की आशंका
ईरान ने चेतावनी दी है कि हालिया हमलों में गैस प्रोसेसिंग संयंत्रों को नुकसान पहुंचने के कारण इस सर्दी देश में रोजाना करीब 10 करोड़ घन मीटर प्राकृतिक गैस की कमी हो सकती है। यह देश के औसत दैनिक गैस उत्पादन का लगभग 10 प्रतिशत है। सर्दियों में घरेलू मांग बढ़ने से ईरान पहले भी गैस संकट का सामना करता रहा है और इस बार स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।
समुद्री व्यापार पर असर
वैश्विक समुद्री व्यापार भी इस तनाव से प्रभावित हो रहा है। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुरुवार को 25 मालवाहक जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में केवल दो खाली तेल टैंकरों ने आवाजाही की। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज में स्थिति सामान्य नहीं हुई तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग लागत पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ा दी है। राजनीतिक टकराव, जवाबी हमलों की चेतावनी और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।










