Cabinet Decisions: लंबे समय से चले आ रहे युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशन (एक्ट, 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। नए संशोधनों में पेपर लीक और नकल जैसे अपराधों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का भी फैसला लिया गया है ताकि ऐसे मामलों की सुनवाई जल्द पूरी हो सके।
सरकार का दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक कोई छोटा मुद्दा नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सख्त सजा के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए। सरकार का कहना है कि पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं और दोषी पहले से जेल में हैं।
जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन अभी भी जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिर्फ सजा बढ़ाने से समस्या हल नहीं होगी। वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पूरी सच्चाई सामने लाने और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दल पहले ही कह चुके हैं कि पिछले 10 साल में 150 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन दोषियों पर असरदार कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि बार-बार गड़बड़ियां हो रही हैं और केवल नया कानून लाकर सरकार मुद्दे से ध्यान भटका रही है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद संशोधन बिल सोमवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। सरकार इसे जल्द पारित कराने की कोशिश करेगी। सरकार परीक्षाओं की गरिमा बचाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है ।







