नई दिल्ली। सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू न्यूयॉर्क पहुंचेंगे, तो शायद उन्हें हवाई अड्डे से सीधे होटल नहीं, बल्कि एक कानूनी घेरे से होकर गुजरना पडे। न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) ने साफ कह दिया है — नेतन्याहू ‘युद्ध अपराधी’ हैं, और उनका दफ्तर इस बात की पडताल कर रहा है कि क्या शहर के पास उन्हें गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार है। यह खबर द टेलीग्राफ ने दी है।
‘वह हेग में होने चाहिए’
ममदानी ने यह बात न्यूयॉर्क टाइम्स के पॉडकास्ट ‘द इंटरव्यू’ में कही। उनका कहना था कि नेतन्याहू का असली ठिकाना संयुक्त राष्ट्र का मंच नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) है — जहां उन पर पहले से आरोप तय हैं। ममदानी ने यह भी कहा कि यह राय सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि नेतन्याहू की नीतियों के कारण कई और लोगों की भी है।
उल्लेखनीय है कि ICC ने नवंबर 2024 में गाजा युद्ध के दौरान कथित युद्ध अपराधों और मानवता के विरुद्ध अपराधों — जिनमें भुखमरी को हथियार बनाना शामिल है — के आरोप में नेतन्याहू के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यह वारंट 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद शुरू हुए इजरायल-गाजा युद्ध से जुडा है।
कानूनी पेच कहां है ?
अमेरिका ICC की स्थापना करने वाले रोम समझौते पर हस्ताक्षरकर्ता नहीं है और अदालत के अधिकार-क्षेत्र को मान्यता नहीं देता। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल पहले ही कह चुकी हैं कि मेयर के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ममदानी ने भी सतर्कता बरतते हुए कहा कि मामला फिलहाल शहर के कानूनी विभाग के साथ ‘सक्रिय बातचीत’ में है — उन्होंने सीधे गिरफ्तारी के आदेश का दावा दोहराने से परहेज किया और कहा कि कानून जो अनुमति देगा, प्रशासन वही करेगा।
जानकार कहते हैं कि ममदानी के इस बयान का मतलब है कि यह अभी नीयत है, गारंटी नहीं,पर ममदानी का रुख बता रहा है कि टकराव सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहने वाला।
ममदानी आतंकी तत्वों के साथ हैं: नेतन्याहू
इधर एक रेडियो साक्षात्कार में नेतन्याहू ने भी ममदानी पर आरोप लगाया कि मेयर हमास के ‘आतंकी तत्वों’ के साथ खडे हैं और यह नहीं समझते कि यहूदी-विरोधी व इजरायल-विरोधी तत्व अंततः अमेरिका-विरोधी भी साबित होते हैं।दूसरी ओर ममदानी इस आरोप को पहले भी सिरे से खारिज कर चुके हैं — वे हमास के अक्टूबर 2023 के हमलों की सार्वजनिक निंदा भी कर चुके हैं।
न्यूयॉर्क में इजरायल के महावाणिज्यदूत ओफिर अकुनिस ने भी ममदानी को नसीहत दी कि जिस अधिकार-क्षेत्र पर उनका बस नहीं, उसमें उलझने के बजाय वे सिर्फ न्यूयॉर्क शहर चलाने पर ध्यान दें। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने भी दावा किया कि नेतन्याहू सिर उठाकर महासभा को संबोधित करने न्यूयॉर्क आएंगे — धमकियों की परवाह किए बगैर।
पुरानी प्रतिबद्धता, नई परीक्षा
यह ममदानी का पहला ऐसा बयान नहीं है। दिसंबर 2024 में, मेयर पद के उम्मीदवार रहते हुए, उन्होंने कहा था कि बतौर मेयर वे नेतन्याहू को गिरफ्तार करेंगे क्योंकि न्यूयॉर्क को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप चलना चाहिए। तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘अनुचित’ बताते हुए हस्तक्षेप की चेतावनी दी थी। ताजा बयान पर ट्रंप की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उल्लेखनीय यह भी है कि यह टकराव सिर्फ ममदानी बनाम नेतन्याहू नहीं — अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर इजरायल को लेकर बदलते मिजाज का आईना भी है।
हाल के एक सर्वे के मुताबिक लगभग तीन-चौथाई डेमोक्रेटिक मतदाता अब इजरायल को अमेरिकी सहायता के खिलाफ हैं — तीन साल पहले यह आंकडा महज 45 प्रतिशत था। इसी हफ्ते अमेरिकी कांग्रेस में करीब आधे डेमोक्रेटिक सांसदों ने इजरायल को दी जाने वाली सहायता रोकने के पक्ष में मतदान किया — विधेयक पास नहीं हुआ, पर पार्टी के भीतर की दरार सतह पर आ गई।
सितंबर में जब विश्व नेता महासभा के लिए न्यूयॉर्क पहुंचेंगे, नजरें इसी पर टिकी होंगी — क्या यह टकराव बयानबाजी तक सिमटा रहता है, या न्यूयॉर्क की सडकों पर कोई असली कानूनी घमासान देखने को मिलता है।











