Iran US war: अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर से बड़ा हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज एरिया , निगरानी केंद्र, नौसैनिक ठिकाने और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि ये हमले ईरान की होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमला करने की क्षमता को कमजोर करने के लिए किए गए हैं। सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह हमला पिछली रात के हमलों का हिस्सा है।
ईरान में हुई मौतें और नुकसान
ईरानी मीडिया के मुताबिक, हमलों में खुजेस्तान प्रांत के अहवाज शहर के पास 3 लोगों की मौत हो गई है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य चला रहा है। ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई जगहों पर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। बंदर अब्बास, चाबहार, कोनारक, जास्क और सीरिक बंदरगाहों पर भी हमले हुए। चाबहार में बिजली आपूर्ति बाधित हुई हालांकि ज्यादातर लाइनों को बहाल कर दिया गया है।
ईरान का जवाबी हमला
ईरान ने हमलों का जवाब देते हुए कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे अमेरिका की सीजफायर तोड़ने की सजा बताया। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे ईरान की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान समझौता चाहता है लेकिन उन्हें भरोसा नहीं है कि तेहरान इसका पालन करेगा।
ट्रंप ने आगे चेतावनी दी कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में फिर जहाजों पर हमला किया तो जवाब और भी कड़ा होगा उन्होंने कहा कि अमेरिका अभी ईरान पर पूर्ण हमले नहीं कर रहा है लेकिन जरूरत पड़ी तो तेल टर्मिनल, पुल और पानी शुद्धिकरण संयंत्रों जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
दोनों पक्षों की स्थिति
अमेरिका का दावा है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला किया था, जिसके जवाब में ये स्ट्राइक की गईं। वहीं ईरान कह रहा है कि वह धमकियों का जवाब कार्रवाई से देगा। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा, ‘अमेरिका को अब समझ आ जाना चाहिए कि धमकियां देने और वादे तोड़ने की कीमत चुकानी पड़ती है।
अगर हमला होगा तो जवाब भी मिलेगा।’ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने भी साफ कहा कि वे अमेरिका की अभद्रता का जवाब कार्रवाई से देंगे।
वर्तमान में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार न बनाने देने पर अड़ा हुआ है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब मध्य पूर्व में पहले जितना दबदबा नहीं रखता। दोनों तरफ से चेतावनियां जारी हैं और स्थिति तेजी से बदल रही है। क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका असर पड़ रहा है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट के जरिए होने वाले तेल निर्यात पर।











