नई दिल्ली। जमीन खरीद विवाद को लेकर चर्चा में आए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का समर्थन मिला है।इस पूरे विवाद को साजिश बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने साजिश रची है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या बीजेपी को पता नहीं था कि मोहन यादव रियल इस्टेट का काम करते थे।बकौल अखिलेश, ये आरोप इसलिए लग रहा है कि भाजपा रास्ता ढूंढ रही है कि 3 मुख्यमंत्री कैसे बदलें। वे मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं इसलिए आरोप लगवा रहे हैं।
इन्हें मध्य-प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाना है। इन दो को इसलिए हटा रहे हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना है।
उन्होंने कहा कि ये हटाने की साजिश चल रही है। उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि इस बार साइकिल इतनी तेज चलेगी कि अपने आप मुख्यमंत्री हट जाएंगे। बताते चलें कि अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम में ये बातें कही हैं।
मध्य प्रदेश की राजनीति में भूमि खरीद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूमि खरीद के मामले में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कई सवाल उठाए हैं।कांग्रेस का दावा है कि यह केवल राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि सार्वजनिक दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित गंभीर प्रश्न हैं, जिनका जवाब प्रदेश की जनता को मिलना चाहिए।
मंगलवार को भोपाल में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट करने की मांग की कि उज्जैन क्षेत्र में जिन जमीनों की खरीद हुई, उनके आसपास बाद में विकसित हुई अधोसंरचना परियोजनाओं और मास्टर प्लान में हुए बदलावों का क्या संबंध है।
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