राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार 9 जून की दोपहर एक घर में चल रही पटाखा फैक्ट्री में आग लगने और विस्फोट से 3 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना खोह-नागोरियान क्षेत्र के आयशा नगर तलाई के पास आईटीआई कॉलेज के नजदीक एक आवासीय मकान में हुई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर के अंदर ही पटाखा बनाने का काम चल रहा था। अचानक आग लगने के बाद तेज धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल गया। जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है। पांच घायल मजदूरों को तुरंत एसएमएस अस्पताल और जयपुरिया अस्पताल ले जाया गया। तीन घायलों को एसएमएस अस्पताल के बर्न वार्ड में रखा गया है।
चिकित्सकों के अनुसार इनमें से अधिकांश 50 से 90 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां, पुलिस, सिविल डिफेंस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने और मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका में तलाशी ले रहे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है।
मुख्य सवाल यह है कि – आवासीय इलाके में पटाखा फैक्ट्री चलाने की अनुमति थी या नहीं? सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं? क्या कोई ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग लगी?
आवासीय क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री पर सवाल
यह घटना एक बार फिर रिहायशी इलाकों में पटाखा बनाने वाली इकाइयों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। आमतौर पर पटाखा निर्माण के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में लाइसेंस दिए जाते हैं लेकिन कई जगहों पर घरों में गैरकानूनी तरीके से यह काम चलता रहता है, जिससे ऐसे हादसे होते रहते हैं। प्रशासन ने इलाके में और किसी खतरे को देखते हुए आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।







