जगदलपुर। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद ऐलान किया कि बस्तर में उद्योग आने का दावा किया जा रहा है, लेकिन मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि बस्तर में विकास कारखानों से नहीं डेयरी से होगा। बस्तर संभाग के हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस दी जाएगी।
मंगलवार को जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने कहा कि अब नक्सलमुक्त हो चुके बस्तर में विकास और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल तैयार किया जाएगा।
तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के अंतिम दिन अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर के आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत डेयरी आधारित अर्थव्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि आदिवासी महिलाएं दूध बेचकर स्थायी आय अर्जित कर सकें।
गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग में एक बड़ा डेयरी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और सहकारी संस्थाओं के साथ समन्वय किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री गुजरात जाकर वहां के अमूल जैसे सहकारी डेयरी मॉडल का अध्ययन कर चुके हैं। अब उसी मॉडल को बस्तर में लागू करने की तैयारी है, जिससे यहां उत्पादित दूध की मार्केटिंग पूरे देश में की जा सकेगी।
अमित शाह ने कहा कि ‘भारत अब नक्सलमुक्त हो चुका है’ और 31 मार्च 2026 के बाद बस्तर में विकास के नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक हिंसा और भय से प्रभावित रहे इस क्षेत्र को अब देश के विकास मॉडल से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बस्तर में स्थापित लगभग 70 सुरक्षा कैंपों को अब ‘जन सुविधा केंद्र’ यानी वन स्टॉप डेवलपमेंट सेंटर्स में बदला जाएगा। यहां आदिवासियों को बैंकिंग, राशन, आधार कार्ड और 371 सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही जगह पर मिलेगा।
अमित शाह ने अपने बस्तर दौरे और नक्सलवाद पर दिए गए बयान में यह आरोप भी लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसियां नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई करना चाहती थीं, लेकिन राज्य सरकार के स्तर पर समन्वय और इच्छाशक्ति की कमी रही।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल बना, जिसके कारण नक्सल विरोधी अभियान में तेजी आई और सुरक्षा बलों को सफलता मिली।
बस्तर को देश के बाकी हिस्सों के बराबर लाने तक लड़ाई जारी रहेगी
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने सरकार का समग्र दृष्टिकोण के तहत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि जब तक नक्सलमुक्त क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी हिस्सों के बराबर नहीं लाया जाएगा, तब तक यह लड़ाई पूरी नहीं मानी जाएगी।
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक ऐसे समय बस्तर में हो रही है, जब पूरा क्षेत्र नक्सलमुक्त घोषित किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब यह पूरा क्षेत्र सिर्फ नक्सलमुक्त ही नहीं, बल्कि ‘विवादमुक्त’ भी हो चुका है। मध्य क्षेत्र के राज्यों और केंद्र सरकार के बीच अब कोई बड़ा विवाद शेष नहीं है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
लंबित मामलों के विशेष अदालत की वकालत भी की
बैठक में गृह मंत्री ने सभी राज्यों से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई तेज करने, स्कूल ड्रॉपआउट कम करने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि POCSO और बलात्कार जैसे मामलों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि अदालतों में पांच साल से अधिक समय से लंबित मामलों के लिए विशेष अदालतें गठित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने चारों राज्यों को 1930 साइबर हेल्पलाइन सिस्टम को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री ने कहा कि जिस तरह देश को नक्सलवाद से मुक्त किया गया है, उसी तरह अब लक्ष्य यह है कि 2029 से पहले हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक अंतिम अंजाम तक पहुंचाया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अमित शाह जगदलपुर से दिल्ली रवाना हो गए।










