रायपुर। कभी नक्सली हिंसा और बंदूकों की गूंज के लिए पहचाने जाने वाले Bastar से आज एक नई तस्वीर सामने आई है। पहली बार बस्तर की धरती पर एक साथ चार-चार राज्यों के मुख्यमंत्री जुटे हैं और देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद यहां हाई-लेवल बैठक की कमान संभाल रहे हैं।
यह सिर्फ एक प्रशासनिक बैठक नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश को दिया जा रहा बड़ा राजनीतिक और सुरक्षा संदेश भी माना जा रहा है – ‘बस्तर अब बदल चुका है, बस्तर अब सुरक्षित है।’
जगदलपुर में मंगलवार सुबह 11 बजे मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने-अपने मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूद हैं।
बस्तर के इतिहास में यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर की अंतरराज्यीय और हाई-प्रोफाइल बैठक यहां आयोजित की गई है। बैठक में नीति आयोग के प्रतिनिधि, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और चार राज्यों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए हैं।
दरअसल, यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 को बस्तर को नक्सलवाद मुक्त घोषित किया था। नक्सल मुक्त भारत अभियान के बाद अमित शाह का यह पहला बस्तर दौरा है। ऐसे में बस्तर में इतनी बड़ी बैठक आयोजित कर केंद्र सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि जो इलाका कभी देश का सबसे संवेदनशील नक्सल क्षेत्र माना जाता था, वही अब विकास, सुशासन और राष्ट्रीय रणनीति का केंद्र बन रहा है।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी बनाने, सीमावर्ती राज्यों के साथ संयुक्त रणनीति, परिवहन नेटवर्क, बिजली ग्रिड, जल संसाधन, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। पड़ोसी राज्यों के बीच प्रशासनिक समन्वय और सीमा विवादों के समाधान पर भी मंथन चल रहा है।
दिलचस्प बात यह भी है कि एक दिन पहले ही बस्तर में आयोजित एक कार्यक्रम में अमित शाह ने बड़ा बयान देते हुए कहा था – ‘बस्तर में 50 वर्षों में जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई हम 5 वर्षों में करेंगे।’
अब उसी बयान के अगले दिन बस्तर में चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में यह हाई-लेवल बैठक कई राजनीतिक और रणनीतिक संकेत दे रही है।
शाम करीब 3:30 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे, जिसमें बैठक से जुड़े अहम फैसलों और रणनीतियों की जानकारी दी जा सकती है।
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