लेंस डेस्क। राजस्थान के अलवर जिले में 15 वर्षीय छात्रा के अपहरण और गैंगरेप मामले (Alwar gang rape case) ने गंभीर रूप ले लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज करते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। प्रशासन का कहना है कि पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
रैणी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना की जांच अब SIT के हवाले कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी के नेतृत्व में गठित इस टीम में तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है, जबकि टीम की कमान राजगढ़ डीएसपी मनीषा मीना को सौंपी गई है।
SIT का उद्देश्य घटना के हर पहलू की गहराई से जांच करना और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करना है।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से पीड़िता की कुछ तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिन्हें अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और लोकेशन के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले में कई अहम बिंदुओं की पुष्टि हो चुकी है और बाकी पहलुओं की जांच जारी है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।










