माराडोना की मौत पर 7 डॉक्टरों पर लापरवाही का केस दोबारा शुरू

लेंस न्यूज़ । फुटबॉल के दिग्गज डिएगो माराडोना की मौत (Maradona death) को लेकर उनके चिकित्सा दल पर लापरवाही का नया मुकदमा अर्जेंटीना में फिर से शुरू हो गया है। 15 अप्रैल 2026 को ब्यूनस आयर्स के पास सैन इसिड्रो कोर्ट में यह सुनवाई शुरू हुई, जिसमें माराडोना की पर्सनल डॉक्टर टीम के सात सदस्यों पर्सनल डॉक्टर लियोपोल्डो लूके, साइकियाट्रिस्ट अगस्टिना कोसाचोव, साइकोलॉजिस्ट कार्लोस डियाज़ और अन्य नर्स व डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप है।

25 नवंबर 2020 को मात्र 60 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से हुई माराडोना की मौत के बाद 2021 की मेडिकल पैनल रिपोर्ट में टीम पर ‘अनुचित, अपर्याप्त और लापरवाह’ इलाज का आरोप लगाया गया था जिसके चलते वे आखिरी 12 घंटे दर्द में तड़पते रहे। अगर दोषी पाए गए तो इन पर 8 से 25 साल तक की सजा हो सकती है।

डिफेंस पक्ष का कहना है कि माराडोना पहले से ही गंभीर बीमारियों, ड्रग्स और शराब की लत से जूझ रहे थे इसलिए उनकी मौत स्वाभाविक थी। मुकदमे में लगभग 100 गवाहों के बयान दर्ज होंगे और तीन जजों की बेंच जून 2026 के शुरू में फैसला सुना सकती है। माराडोना की बेटियां दाल्मा और जियानिना इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता हैं और न्याय की मांग कर रही हैं।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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