आम आदमी पार्टी ने की राजिम सांप्रदायिक हिंसा की न्यायिक जांच की मांग

AAP

रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र के दुतकईया गांव में 1 फरवरी को हुई हिंसा की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। 13 मुस्लिम परिवारों के घरों में आगजनी, मारपीट और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं।

इसी मामले में आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मानवाधिकार अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला और पार्टी नेता इमरान खान ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

दो दिनों तक रायपुर में रह रहे प्रभावित परिवारों से बातचीत के दौरान पीड़ितों ने बताया कि 1 फरवरी की सुबह गांव में तनाव की स्थिति बनी। दोपहर तक कथित तौर पर भीड़ ने घरों में घुसकर मारपीट की और आग लगा दी।

पीड़ितों का आरोप है कि हमले में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश की गई। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज रायपुर के अस्पताल में चला।

प्रियंका शुक्ला ने कहा कि यह सिर्फ एक समुदाय पर हमला नहीं है, यह संविधान और प्रदेश की शांति पर हमला है। 13 परिवार बेघर हो गए हैं, लेकिन उन्हें अब तक समुचित सरकारी सहायता नहीं मिली है। हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच हो और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो।

इस संबंध में गरियाबंद कलेक्टर भगवान दास उइके से भी संपर्क किया गया। प्रशासन की ओर से राहत पहुंचाने की बात कही गई है। हालांकि, पीड़ित परिवारों का दावा है कि उन्हें पर्याप्त मदद अब तक नहीं मिली है।

घटना में कई लोग घायल हुए। जानकारी के अनुसार कुछ पुलिसकर्मी भी इस हिंसा में जख्मी हुए हैं, जिनमें एक आरक्षक का इलाज अब भी जारी है।

आम आदमी पार्टी ने सरकार से सात प्रमुख मांगें की हैं। इनमें सभी पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत और सुरक्षित आवास, प्रत्येक परिवार को उचित मुआवजा, हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच, पीड़ितों के बयान सुरक्षित माहौल में दोबारा दर्ज किए जाएं, घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे, आरोपियों की गिरफ्तारी की सार्वजनिक जानकारी और पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था की मांग प्रमुख है।

यह भी पढ़ें : पुराने झगड़े के चलते भिड़े दो समुदाय, भीड़ ने घरों और वाहनों में लगाई आग

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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