जम्मू कश्मीर की आबादी के बराबर नाम SIR में बाहर, 8 फीसदी मतदाताओं के नाम कटे

West Bengal Sir

नेशनल ब्यूरो। दिल्ली

विशेष गहन संशोधन SIR के दूसरे चरण के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूचियों में नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 8 फीसदी मतदाताओं को हटा दिया गया है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल, अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़ तथा गोवा की अंतिम सूचियां शनिवार फरवरी को प्रकाशित की गईं, जबकि गुजरात की सूची 17 फरवरी को और पुदुचेरी तथा लक्षद्वीप की 14 फरवरी को जारी की गई थी।

1 करोड़ 70 से लाख ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे

इन नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या 27 अक्टूबर को SIR के दूसरे चरण की घोषणा के समय 21,45,62,215 थी। संशोधन के बाद यह संख्या घटकर 19,75,33,701 रह गई, जिसमें शुद्ध रूप से 1,70,28,514 मतदाताओं में 7.93 फीसदी की कटौती हुई। यह उत्तराखंड की जनसंख्या से भी ज्यादा है और जम्मू कश्मीर की जनसंख्या के बराबर है।
सबसे अधिकार गुजरात में कटे नाम

पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की अंतिम सूचियां अभी प्रकाशित नहीं हुई हैं।राज्यों में गुजरात में सबसे अधिक 13.40 फीसदी मतदाताओं को हटाया गया, जबकि केरल में सबसे कम 3.22 फीसदी की कटौती हुई। केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान और निकोबार में सबसे अधिक 16.8 फीसदी और लक्षद्वीप में सबसे कम 0.36 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

छत्तीसगढ़ में 11.77 फीसदी, गोवा में 10.76 फीसदी, पुदुचेरी में 7.5%, मध्य प्रदेश में 5.96 फीसदी और राजस्थान में 5.74 फीसदी मतदाताओं की कटौती हुई।

उत्तरा प्रदेश की मिला सर्वाधिक समय

उत्तर प्रदेश की अंतिम सूची कई बार बढ़ोतरी के बाद अब 10 अप्रैल को जारी होने वाली है। तमिलनाडु की सूची 23 फरवरी को प्रकाशित होने वाली है। पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच तीव्र विवाद रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम सूची को 28 फरवरी तक प्रकाशित करने की अनुमति दी है।

अदालत ने असाधारण कदम उठाते हुए न्यायपालिका को इस प्रक्रिया में शामिल करने का फैसला किया, क्योंकि ममता बनर्जी सरकार और चुनाव आयोग के बीच विश्वास की कमी के कारण गतिरोध पैदा हो गया था और समय कम बचा था।

बिहार से हुई थी शुरुआत

SIR की शुरुआत पिछले साल बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले हुई थी, जहां मतदाता सूची जून 2024 में 7.89 करोड़ से घटकर सितंबर 2024 में 7.43 करोड़ रह गई। असम में विशेष संशोधन के दौरान कुल 2.43 लाख मतदाताओं की कमी आई।
चुनाव आयोग ने बाकी 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से SIR से संबंधित सभी तैयारी कार्य जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। संशोधन अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।

सभी राज्यों के लिए SIR की प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 को एक साथ शुरू हुई थी। शुरुआती समय सीमा सभी के लिए 30 दिन तय की गई थी, लेकिन बाद में इसे कई चरणों में बढ़ाया गया। सबसे ज्यादा समय उत्तर प्रदेश को दिया गया।

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